रफी फाउंडेशन की संगीतमय श्रद्धांजलि में गूंजे मोहम्मद रफी के अमर नगमे


महापौर अलका बाघमार मुख्य अतिथि, कलाकारों ने बांधा समां

दुर्ग। पद्मश्री स्वर सम्राट मोहम्मद रफी को संगीतमय श्रद्धांजलि देने के लिए द वॉइस ऑफ दुर्ग सिटी रफी फाउंडेशन द्वारा 30 जुलाई को मुस्लिम सराय, तकिया में भव्य संगीत संध्या का आयोजन किया गया। रफी साहब के अमर गीतों की सुरमयी प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को देर रात तक संगीत रस में डुबोए रखा।

महापौर ने की आयोजन की सराहना
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि दुर्ग शहर की प्रथम नागरिक महापौर अलका बाघमार थीं। उन्होंने आयोजन की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए फाउंडेशन के अध्यक्ष संजय लारोकर एवं टीम को बधाई दी। कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में संगीत एवं सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रखते हैं।

विशिष्ट अतिथियों में समाजसेवी कैलाश जैन बरमेचा, लायनेस क्लब अध्यक्ष आकांक्षा मिश्रा, सेवानिवृत्त उप वनमंडलाधिकारी अब्दुल वाहिद खान और यादें मुकेश भिलाई के संचालक बी. डी. निजामी उपस्थित रहे।

रफी के गीतों से सराबोर हुई शाम
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती और मोहम्मद रफी के तैलचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। इसके बाद फाउंडेशन ने अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं प्रतीक चिन्ह देकर सम्मान किया।

विशेष अतिथि सरमद इमाम ने “रहा गर्दिशों में हरदम मेरे इश्क का सितारा” और “तेरी आंखों के सिवा दुनिया में रखा क्या है” प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। उन्होंने कलाकारों और फाउंडेशन के लिए प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा भी की। कैलाश जैन बरमेचा सहित अन्य संगीत प्रेमियों ने उत्कृष्ट प्रस्तुतियों पर कलाकारों को नगद पुरस्कार दिए।

संध्या में “बेखुदी में सनम”, “आया सावन झूम के”, “झिलमिल सितारों का आंगन होगा”, “पत्ता-पत्ता बूटा-बूटा”, “इशारों-इशारों में”, “तुझको पुकारे मेरा प्यार” सहित रफी साहब के अनेक गीत प्रस्तुत किए गए। इसके अलावा “फूल तुम्हें भेजा है खत में”, “लंबी जुदाई”, “चलते-चलते” जैसे सदाबहार गीतों ने भी समां बांधा।

इन कलाकारों ने दी प्रस्तुति
संचालन फाउंडेशन के सचिव जाहिद अली ने किया। अध्यक्ष संजय लारोकर ने भी अपनी गायकी से श्रोताओं का मनोरंजन किया।

प्रमुख कलाकार: अनिल शुक्ला, आफताब आलम, संजय घाटे, राजेश शर्मा, रमेश दत्त पांडे, अलख नवरंग।
गायिकाएं: पियूषा मनहरे, गीता सिंह, तृप्ति साहू, ज्ञानू मैत्री, वात्सल्य साहू, ऋतु कसेर, साधना कुलदीप।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में संगीत प्रेमी, समाजसेवी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। समापन पर कैलाश जैन बरमेचा, संजय लारोकर, जाहिद अली और कोषाध्यक्ष माधुरी लारोकर ने सभी कलाकारों एवं सहयोगियों को सम्मानित किया। सचिव जाहिद अली ने आभार व्यक्त कर कार्यक्रम का समापन किया।