दुर्ग में पहली बार एक साथ साकार हुए द्वादश ज्योतिर्लिंग


मातृशक्तियों ने रचा शिवभक्ति का अनूठा अध्याय, 12 ज्योतिर्लिंगों के प्रतिरूपों का हुआ सामूहिक महारुद्राभिषेक

दुर्ग। सावन एवं नागपंचमी के पावन अवसर पर माँ शक्ति स्वरूपा समिति, दुर्ग द्वारा सतरूपा शीतला मंदिर में द्वादश ज्योतिर्लिंग महारुद्राभिषेक का भव्य एवं आध्यात्मिक आयोजन श्रद्धा, आस्था और भक्तिभाव के साथ सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर दुर्ग में पहली बार द्वादश ज्योतिर्लिंगों के मंदिरों में स्थापित स्वरूपों के अनुरूप उनके प्रतिरूप तैयार कर एक ही स्थान पर सामूहिक महारुद्राभिषेक किया गया। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने सहभागिता कर भगवान शिव की आराधना की और पुण्य लाभ प्राप्त किया।

«विशेष आकर्षण

दुर्ग में पहली बार एक ही स्थान पर द्वादश ज्योतिर्लिंगों के स्वरूपों का सामूहिक महारुद्राभिषेक

सोमनाथ • मल्लिकार्जुन • महाकालेश्वर • ओंकारेश्वर • केदारनाथ • भीमाशंकर • काशी विश्वनाथ • त्र्यंबकेश्वर • वैद्यनाथ • नागेश्वर • रामेश्वर • घृष्णेश्वर»

आयोजन की सबसे विशेष और अनूठी पहल यह रही कि माँ शक्ति स्वरूपा समिति की मातृशक्तियों द्वारा देश के विभिन्न पवित्र स्थलों में स्थापित द्वादश ज्योतिर्लिंगों के स्वरूपों को एक ही स्थान पर साकार किया गया। प्रत्येक ज्योतिर्लिंग के प्रतिरूप को उसके मूल मंदिर की परंपरा, पहचान एवं स्वरूप को ध्यान में रखते हुए तैयार करने का प्रयास किया गया।

एक ही परिसर में द्वादश ज्योतिर्लिंगों के दर्शन, पूजन एवं सामूहिक महारुद्राभिषेक का अवसर श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत भावुक एवं आध्यात्मिक अनुभव रहा। इस अभिनव आयोजन ने दुर्ग में धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों के क्षेत्र में एक अलग पहचान बनाई।

वैदिक मंत्रोच्चार से गूंजा सतरूपा शीतला मंदिर परिसर

भिलाई के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य पंडित हेमंत शर्मा जी एवं उनकी पूरी टीम द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण, रुद्रपाठ एवं विधि-विधान के साथ महारुद्राभिषेक सम्पन्न कराया गया। वैदिक मंत्रों की गूंज, शंखनाद तथा हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से पूरा सतरूपा शीतला मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से गूंज उठा।

श्रद्धालुओं ने पूरे भक्तिभाव के साथ द्वादश ज्योतिर्लिंगों के दर्शन किए तथा अभिषेक में सहभागिता की। आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में शिवभक्ति और आस्था का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।

गणमान्य अतिथियों की रही गरिमामयी उपस्थिति

कार्यक्रम में अनेक जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही। प्रमुख रूप से विधायक श्री ललित चंद्राकर, दुर्ग शहर की महापौर श्रीमती अलका बागमार, दुर्ग जिला भाजपा अध्यक्ष श्री सुरेंद्र कौशिक, कांग्रेस के पूर्व विधायक श्री अरुण वोरा, दुर्ग शहर के वरिष्ठ समाजसेवी एवं जाने-माने व्यापारी श्री कैलाश बरमेचा एवं उनकी धर्मपत्नी श्रीमती मंजू बरमेचा, सतरूपा शीतला मंदिर समिति के अध्यक्ष श्री रोमनाथ साहू तथा दुर्ग शहर के एल्डरमेन श्री गौरव शर्मा सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

अतिथियों ने माँ शक्ति स्वरूपा समिति द्वारा आयोजित इस अनूठे धार्मिक आयोजन की सराहना करते हुए समिति की मातृशक्तियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में धार्मिक एवं सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने के साथ-साथ नई पीढ़ी को हमारी सनातन परंपराओं से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करते हैं।

एक स्थान पर द्वादश ज्योतिर्लिंगों का दिव्य दर्शन

आयोजन में सोमनाथ, मल्लिकार्जुन, महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, केदारनाथ, भीमाशंकर, काशी विश्वनाथ, त्र्यंबकेश्वर, वैद्यनाथ, नागेश्वर, रामेश्वर एवं घृष्णेश्वर के प्रतिरूप विशेष रूप से तैयार किए गए थे।

मंदिरों में स्थापित ज्योतिर्लिंगों के स्वरूप एवं धार्मिक पहचान को ध्यान में रखते हुए तैयार किए गए इन प्रतिरूपों ने श्रद्धालुओं का विशेष ध्यान आकर्षित किया। एक ही स्थान पर द्वादश ज्योतिर्लिंगों के दर्शन एवं सामूहिक महारुद्राभिषेक का अवसर श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय आध्यात्मिक अनुभव रहा।

मातृशक्ति की एकजुटता बनी आयोजन की ताकत

इस भव्य आयोजन की सबसे बड़ी शक्ति माँ शक्ति स्वरूपा समिति की मातृशक्तियों की एकजुटता, समर्पण और सेवा भावना रही। आयोजन की तैयारियों से लेकर पूजा व्यवस्था, श्रद्धालुओं के स्वागत, व्यवस्थाओं के संचालन एवं कार्यक्रम की सफलता तक समिति की महिलाओं ने पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपना योगदान दिया।

समिति की ओर से कुलविंदर कौर, गीता वर्मा, रिंकी साहू, वारुणी डेहरे, बसंती साहू, रंजीता, मीनू मिंज, पार्वती पंडित, रजनी मिश्रा, अर्चना साहू, विभा मिश्रा, श्वेता साहू, श्रद्धा साहू, शीतल तिवारी, प्रीति, साधना शर्मा, खुशबू सिंह सहित अन्य सभी सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

मातृशक्तियों की मेहनत, आपसी समन्वय, अनुशासन एवं अथक प्रयासों ने इस धार्मिक आयोजन को भव्य, गरिमामय एवं सुव्यवस्थित स्वरूप प्रदान किया।

संयोजिका डॉ. भावना दिवाकर ने जताया आभार

माँ शक्ति स्वरूपा समिति की संयोजिका डॉ. भावना दिवाकर ने आयोजन की सफलता पर सभी अतिथियों, श्रद्धालुओं, पंडित हेमंत शर्मा जी एवं उनकी पूरी टीम, सतरूपा शीतला मंदिर समिति, सहयोगियों तथा माँ शक्ति स्वरूपा समिति की सभी सदस्यों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि, “यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि मातृशक्ति की आस्था, एकजुटता और सनातन संस्कृति के प्रति समर्पण का प्रतीक है। भगवान शिव के द्वादश ज्योतिर्लिंगों के स्वरूपों को एक ही स्थान पर साकार कर सामूहिक महारुद्राभिषेक करने का संकल्प सभी के सहयोग और आशीर्वाद से पूर्ण हुआ। जिस प्रकार मंदिरों में ज्योतिर्लिंग स्थापित हैं, उसी अनुरूप उनके स्वरूप तैयार कर उनका पूजन-अभिषेक करना हम सभी के लिए अत्यंत भावुक और आध्यात्मिक अनुभव रहा। हम सभी का सौभाग्य है कि इस पावन कार्य में सेवा करने का अवसर मिला।”

डॉ. भावना दिवाकर ने कहा कि आयोजन को मिली श्रद्धालुओं की अपार श्रद्धा एवं गणमान्य अतिथियों का स्नेह समिति की मातृशक्तियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले प्रत्येक व्यक्ति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।

माँ शक्ति स्वरूपा समिति, दुर्ग
संयोजिका — डॉ. भावना दिवाकर