बंगीय साहित्य संस्था की 128वीं बैठक में पावस ऋतु पर काव्य पाठ, लघुकथा संग्रह ‘अनुघटक’ का लोकार्पण


भिलाई / भिलाई के इंडियन कॉफी हाउस में बंगीय साहित्य संस्था के तत्वावधान में ‘कॉफी विथ साहित्यिक विचार-विमर्श अड्डा’ की 128वीं बैठक संपन्न हुई। बैठक की अध्यक्षता असम से पधारी बांग्ला कवयित्री दीपिका विश्वास ने की, वहीं विशेष अतिथि के रूप में कला साहित्य मित्र समूह ‘कवच’ के संयोजक शक्तिपद चक्रवर्ती उपस्थित रहे।

इस अवसर पर बांग्ला कवि पल्लव चटर्जी के बांग्ला लघुकथा संग्रह ‘अनुघटक’ का लोकार्पण किया गया। साथ ही पावस ऋतु सहित विभिन्न विषयों पर काव्य पाठ हुआ।

कार्यक्रम में रंगकर्मी शक्तिपद चक्रवर्ती ने कहा कि बंगीय साहित्य संस्था का यह आयोजन अनुकरणीय है। ऐसे आयोजनों से ही हम बांग्ला साहित्य, संस्कृति और सांस्कृतिक धरोहर को बचा सकते हैं। साहित्य और कला को जीवंत रखना हम सबका कर्तव्य है।

कवयित्री दीपिका विश्वास ने कहा कि कला-साहित्य और बांग्ला भाषा को ऐसे ही आयोजनों से अस्तित्व में रखा जा सकता है। उन्होंने बांग्ला में ‘टेलीफोन’ एवं ‘फिरा’ शीर्षक से कविता पाठ किया।

इस अवसर पर संस्था के संरक्षक समरेंद्र विश्वास, उपसभापति स्मृति दत्त, ‘मध्यबलय’ के संपादक दुलाल समाद्दार, महासचिव शुभेंदु बागची, कोषाध्यक्ष पल्लव चटर्जी, ‘आरंभ’ के अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य, ब्रजेश मल्लिक, आलोक कुमार चंदा, बीरेंद्रनाथ सरकार, रवींद्रनाथ देबनाथ, सुबीर रॉय और रतन सरकार उपस्थित थे।

कार्यक्रम का संचालन स्मृति दत्त ने किया और आभार सुबीर रॉय ने व्यक्त किया।