भिलाई की शिवमहापुराण कथा गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज


सावन में एक ही जगह लगातार तीसरी बार पंडित प्रदीप मिश्रा की कथा और 5 विशाल अस्थाई पंडाल के नाम पर बना रिकॉर्ड

भिलाई। छत्तीसगढ़ में जयंती स्टेडियम में आयोजित शिवमहापुराण कथा ने इतिहास रच दिया है। बोलबम सेवा एवं कल्याण समिति के अध्यक्ष दयासिंह के नाम यह कथा गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो गई है।

एक ही जगह पर, एक ही महीने यानी सावन में, एक ही कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा सिहोर वाले द्वारा लगातार तीसरी बार कथा आयोजित करने और 5 विशाल अस्थाई पंडाल बनाने के नाम पर यह विश्व रिकॉर्ड बनाया गया है।

गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड के एशियन हेड मनीष विश्नोई नई दिल्ली ने यह सर्टिफिकेट और मेडल बोलबम सेवा समिति के अध्यक्ष दयासिंह को अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा की उपस्थिति में प्रदान किया। इस गौरवशाली क्षण के लाखों शिवभक्त साक्षी बने।

एशियन हेड मनीष विश्नोई ने कहा कि “बिना कोई सूचना दिए हमारी टीम पिछले 3 दिनों से रिसर्च कर रही थी। लाखों शिवभक्तों की आस्था और उनका आना-जाना ऐसा है जो किसी अन्य कथा में देखने को नहीं मिलता।”

इस उपलब्धि पर कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा, भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व सांसद सरोज पांडेय, बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल, भिलाई महापौर नीरज पाल, दुर्ग महापौर अलका बाघमार, पूर्व विधायक गोपाल अग्रवाल, समाजसेवी गोपाल खंडेलवाल, जी सुरेश बाबू, रमन साहनी, प्रकाश पारख, संतोष अग्रवाल, रतन अग्रवाल, सुनील गोयल, दिलीप अग्रवाल सहित कई गणमान्य लोगों ने दयासिंह को बधाई दी।

00 भगवान शिव के 7 प्रश्न – जीवन के लिए जरूरी उत्तर
कथा में पंडित प्रदीप मिश्रा ने भगवान शिव और माता सती के विवाह की कथा सुनाई। दक्ष प्रजापति द्वारा ली गई परीक्षा में 7 ब्राह्मणों ने शिवजी से 7 प्रश्न किए। पंडित मिश्रा ने कहा कि इनके उत्तर हमें जीवन में उतारने चाहिए:
सबसे बड़ा धन संतोष
सबसे बड़ा रोग क्रोध
सबसे बड़ा सुख सेवा
सबसे बड़ा तीर्थ माता-पिता की सेवा
सबसे बड़ा पापअहंकार
सबसे बड़ा पति जो पत्नी का मान-सम्मान रखे और सुख-दुख में साथ दे

00 लक्ष्मणेश्वर महादेव आज भी छत्तीसगढ़ के खरौद में विराजमान
पंडित मिश्रा ने छत्तीसगढ़ के शिवरीनारायण और खरौद के लक्ष्मणेश्वर महादेव की महिमा बताई। उन्होंने कहा कि लंका विजय के बाद राम जी ने पुष्पक विमान यहीं उतारा था। लक्ष्मण जी ने पार्थिव शिवलिंग बनाकर शबरी के बेर चढ़ाए। वह बेर शिवलिंग में धंसकर पाताल तक चला गया। आज भी वही शिवलिंग खरौद में लक्ष्मणेश्वर महादेव के रूप में विराजमान है।

000 सनातन धर्म का मजाक उड़ाने वालों को लताड़ा
पंडित मिश्रा ने सोशल मीडिया पर सनातन हिंदू धर्म का उपहास करने वालों को फटकार लगाई। उन्होंने कहा, “सनातन के सभी त्योहार मनुष्य ने नहीं, परमात्मा ने बनाए हैं। किसी धर्म में इतना दम नहीं। सती की कथा बताती है कि पत्थर को पूजन कर महादेव बना देने का बल केवल सनातन में है।”

000 प्यार में नफरत, प्रेम में समर्पण
पंडित मिश्रा ने कहा, “प्यार में नफरत होती है, प्रेम में समर्पण। सच्चा प्रेम देखना है तो माता सती और शिवजी को देखो। सती यज्ञकुंड में जल गईं, फिर भी भोलेनाथ आज भी अपने तन पर उनकी राख लपेटे रहते हैं।”
बेलपत्री का एक अंश भी देता है फल*
उन्होंने कहा कि बेलपत्री के हजार टुकड़े भी हों और हम भाव से एक अंश भी ग्रहण कर लें तो फल जरूर मिलता है। माता शबरी की कथा सुनाते हुए मंदिर में झाड़ू लगाने और फूल तोड़कर चढ़ाने के महत्व को भी बताया। लगातार बारिश के बावजूद लाखों श्रद्धालुओं ने कथा सुनी।