भिलाई: “एक लोटा जल से अखंड सौभाग्य का वरदान” – पंडित प्रदीप मिश्रा


जयंती स्टेडियम में शिवमहापुराण कथा के दूसरे दिन सुनाई मंगलागौरी की कथा, बारिश में भी छाता लेकर खड़े रहे हजारों शिवभक्त

भिलाई। बोलबम सेवा समिति द्वारा जयंती स्टेडियम में आयोजित शिवमहापुराण कथा के दूसरे दिन 18 अगस्त 2026 को अंतर्राष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा सिहोर वाले ने सावन मंगलवारी पर मंगलागौरी की कथा सुनाई। उन्होंने कहा कि इस व्रत से अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है।

एक लोटा जल से बदली चंचुला की तकदीर
कथा में पंडित मिश्रा ने मंगलागौरी व्रत की महिमा बताते हुए कहा कि सावन के मंगलवार को किया गया यह व्रत अखंड सौभाग्य प्रदान करता है। उन्होंने चंचुला देवी का उदाहरण देते हुए कहा कि “चंचुलादेवी विधवा होने के बाद भी शिव जी को एक लोटा जल चढ़ाकर अखंड सौभाग्यवती हो गईं और अपने पति को प्रेतयोनि से मुक्त करा लिया।”

उन्होंने कहा कि यज्ञ, अनुष्ठान और वर्षों के व्रत से बड़ा फल एक लोटा जल और शिवमहापुराण कथा सुनने से मिलता है। “एक सप्ताह यज्ञ, एक महीने पूजन, एक साल अनुष्ठान, 100 वर्ष व्रत और चार वर्ष तीर्थ के बराबर फल जिंदगी में एक बार शिवालय जाकर एक लोटा जल चढ़ाने और कथा सुनने से 10 हजार गुना प्राप्त होता है।”

पंडित मिश्रा ने कहा कि “अगर कुछ नहीं कर सकते तो घर के पास शिवालय में एक लोटा जल चढ़ाना शुरू कर दो। कालसर्प दोष, वास्तुदोष, शनिदोष सहित संसार के सभी दोष दूर हो जाते हैं। तुम्हें भगवान से रिश्ता जोड़ने की जरूरत नहीं, बाबा खुद तुमसे रिश्ता बना लेंगे।”

आयोजक दयासिंह की सराहना
पंडित प्रदीप मिश्रा ने कार्यक्रम के आयोजक, बोलबम सेवा समिति के प्रदेशाध्यक्ष एवं भिलाई निगम के उपनेता प्रतिपक्ष दयासिंह की सराहना की। उन्होंने कहा, “आपका शिव जी से कोई पुराना संबंध रहा होगा तभी इतना बड़ा आयोजन करवा रहे हैं। लाखों लोगों के बैठने और भोजन की व्यवस्था करना किसी शिवभक्त के ही बस की बात है।”

बारिश में भी अडिग रहे शिवभक्त
दूसरे दिन भी कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। पूरे समय बारिश होती रही, लेकिन भक्त पंडाल के बाहर छाता लेकर घंटों खड़े होकर कथा सुनते रहे। इस नजारे को देख पंडित मिश्रा ने कहा, “मां कौशिल्या की नगरी छत्तीसगढ़ में ही ऐसे शिवभक्त हो सकते हैं जिन्हें बारिश भी नहीं डिगा पाती।”

उन्होंने कहा कि उन्होंने वीडियो में दो बहनों को कथा स्थल की जगह के लिए लड़ते देखा है। “नातेदार जायदाद के लिए लड़ते हैं, लेकिन यह पहली कथा है जिसमें लोग कथा की जगह के लिए लड़ रहे हैं।”

छत्तीसगढ़ी पत्र पढ़कर जीता दिल
कथा के दौरान पंडित मिश्रा ने मुड़पार सुरगी निवासी लीलेश्वरी साहू द्वारा छत्तीसगढ़ी में लिखा पत्र पढ़ा। छत्तीसगढ़ी में पत्र पढ़ते ही पूरा पंडाल तालियों से गूंज उठा।

व्यासपीठ पूजन और व्यवस्थाएं
कथा से पहले व्यासपीठ का पूजन मुख्य यजमान मानसिंह, वीणा सिंह, रमेश सिंह, सीता सिंह, निर्मला सिंह, निर्मल सिंह, लाखन सिंह, जितेंद्र सिंह, जान्हवी सिंह, विश्वनाथ सिंह, आर्यन सिंह, सुधा सिंह, मीना सिंह और पूर्व विधानसभा अध्यक्ष धरमलाल कौशिक ने किया।

दूसरे दिन दोपहर 12 बजे ही गेट नंबर-1 शिव प्रवेश द्वार बंद कर दिया गया। पासधारियों को दूसरे गेट से प्रवेश दिया गया। आयोजकों के अनुसार जैसे-जैसे कथा आगे बढ़ रही है, श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।