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भिलाई। बोल बम सेवा व कल्याण समिति द्वारा आयोजित शिवमहापुराण कथा के चौथे दिवस अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा सीहोर वाले ने कहा कि इंसान का भाग्य उसके कर्म से बनता है। केवल कथा सुनने या मंदिर जाने से भाग्य नहीं बदलता, कर्म और भजन दोनों जरूरी हैं।
जयंती स्टेडियम में आयोजित कथा सुनने हजारों श्रद्धालु पहुंचे। भीड़ इतनी अधिक थी कि 5 विशाल पंडाल कम पड़ गए। कई लोग पेड़ों पर और सड़क किनारे बैठकर कथा सुनते नजर आए। भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने अपील की कि श्रद्धालु खाली जगहों पर बैठकर कथा सुनें। वीवीआईपी गेट नंबर-1 सुबह 11 बजे ही पैक होने के कारण बंद करना पड़ा।

व्यासपीठ का पूजन
कथा से पूर्व व्यासपीठ का पूजन समिति अध्यक्ष दयासिंह, स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव सपत्नीक और राज्य महिला आयोग अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने किया।
गंगा अवतरण और माता-पिता का महत्व
पंडित मिश्रा ने मां गंगा के पृथ्वी पर अवतरण की कथा सुनाते हुए बताया कि भागीरथी की तपस्या से प्रसन्न होकर शिवजी ने गंगा को अपनी जटा में धारण किया। इससे भागीरथी के 60 हजार पूर्वजों का उद्धार हुआ।
उन्होंने माता सती-शिव संवाद का जिक्र करते हुए कहा कि पत्नी, बच्चे, रिश्ते-नाते पूर्व जन्म के कर्म से मिलते हैं और बार-बार मिल सकते हैं, लेकिन माता-पिता केवल एक जन्म में ही मिलते हैं।

युवाओं से संस्कारों की अपील
पंडित मिश्रा ने प्री-वेडिंग फोटो शूट और खर्चीली शादियों को संस्कारों के विपरीत बताया। उन्होंने कहा कि विवाह धन-वैभव का नहीं, संस्कारों का होना चाहिए। युवाओं से कहा कि माता-पिता की परिस्थिति के अनुसार शादी करें। “बच्चों को कार नहीं, संस्कार दो”। कथा में मौजूद युवाओं ने संकल्प लिया कि “हम भारत के हैं और भारत की मर्यादा के लिए कभी लज्जित नहीं होंगे”।
शिक्षा और सफलता का मंत्र
नीट, सीए, आईएएस जैसी परीक्षाओं में एक-दो नंबर से चूकने वाले बच्चों के लिए उन्होंने उपाय बताया – “सुबह उठकर एक लोटा जल लेकर शिवालय जाएं, निश्चित सफलता मिलेगी”।
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने बताया कि प्रदेश के स्कूलों में बच्चों को दीप मंत्र, सरस्वती मंत्र, गायत्री मंत्र और शांति मंत्र सिखाकर संस्कारित किया जा रहा है। डॉ. ममता साहू ने भी कथावाचक के उपायों की सराहना की।
