आनंद सरोवर और पीस ऑडिटोरियम में मेडिटेशन, टाइम मैनेजमेंट और प्रेरणादायक अनुभव साझा करेंगी
भिलाई। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की अमेरिका स्थित टेक्सास सेवा केंद्रों की निदेशिका ब्रह्माकुमारी डॉ. हंसा रावल एक दिवसीय प्रवास पर दुर्ग-भिलाई पहुंच रही हैं। यह उनका छत्तीसगढ़ में प्रथम आगमन है।
कब और कहां होगा कार्यक्रम
डॉ. हंसा रावल 1 अगस्त शनिवार को दो स्थानों पर विशेष सत्र देंगी:
- दुर्ग, बघेरा – आनंद सरोवर: प्रातः 7:30 बजे से 9:00 बजे तक
- भिलाई, सेक्टर-7 – पीस ऑडिटोरियम: संध्या 6:30 बजे से रात्रि 8:00 बजे तक
सत्र में मेडिटेशन, आध्यात्मिक ज्ञान, टाइम एंड सेल्फ मैनेजमेंट, आलस्य के दुष्प्रभाव और अपने जीवन के प्रेरणादायक अनुभवों पर चर्चा करेंगी।
कौन हैं डॉ. हंसा रावल
डॉ. हंसा रावल पिछले 50 वर्षों से ब्रह्माकुमारी संस्थान से समर्पित रूप से जुड़ी हैं। वे अमेरिका में संस्थान की पहली विद्यार्थियों और शिक्षिकाओं में शामिल रही हैं और 1976 में अमेरिका में सेवाकेंद्रों की स्थापना में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।
आध्यात्मिक सेवा के साथ-साथ उन्होंने अमेरिकी सेना में 26 वर्षों तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वे अमेरिकी सेना की सम्मानित चिकित्सा अधिकारी MD रहीं और कर्नल के पद सेवानिवृत्त हुईं।
सेवा के दौरान वे अमेरिका के सबसे बड़े सैन्य चिकित्सा केंद्रों में से एक में ऑन्कोलॉजी और पैथोलॉजी विभागों की निदेशक, रेज़िडेंसी एवं फेलोशिप प्रशिक्षण कार्यक्रमों की निदेशक तथा मेडिसिन की प्रोफेसर रहीं।
हार्वर्ड विश्वविद्यालय, बोस्टन से रेज़िडेंसी एवं फेलोशिप प्रशिक्षण प्राप्त डॉ. हंसा दीदी कैंसर के निदान एवं उपचार की विशेषज्ञ हैं। उनके पास विश्व स्वास्थ्य संगठन WHO से आहार एवं पोषण में मास्टर डिग्री भी है।
उन्हें असाध्य रोगों से पीड़ित मरीजों और उनके परिवारों को जीवन की अंतिम यात्रा के लिए मानसिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक रूप से तैयार करने का व्यापक अनुभव है।
अपने पूरे चिकित्सा जीवन में डॉ. हंसा दीदी ने राजयोग मेडिटेशन और शाकाहारी आहार को उपचार की पूरक पद्धति के रूप में अपनाया और उसका सफल उपयोग किया।