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छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है।
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भिलाई। भिलाई इस्पात संयंत्र और भिलाई टाउनशिप को बचाने के लिए जिला कांग्रेस कमेटी भिलाई ने निर्णायक आंदोलन छेड़ दिया है। जिला अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर के नेतृत्व में रविवार से चार दिवसीय पदयात्रा की शुरुआत हुई।
हनुमान मंदिर से हुई शुरुआत
सेक्टर 9 मेन हॉस्पिटल स्थित हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद कांग्रेसी पंडित रविशंकर शुक्ल प्रतिमा स्थल पर एकत्र हुए। यहां वरिष्ठ नेताओं ने भिलाई को बचाने का संकल्प लिया। इसके बाद हाथों में बैनर और झंडे लेकर हजारों कार्यकर्ताओं की पदयात्रा शुरू हुई। नारेबाजी के साथ निकली भीड़ को देखकर लगा मानो सड़क पर सैलाब उमड़ पड़ा हो।

वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी
पदयात्रा में ताम्रध्वज साहू, बीडी कुरैशी, अरुण वोरा, नीरज पाल, नीता लोधी, प्रतिमा चंद्राकर, देवेंद्र यादव, प्रदीप बाकलीवाल, जितेंद्र साहू, गिरवर साहू, इरफान खान, बृजमोहन सिंह, अतुल साहू, सीजू एंथोनी सहित जिला और ब्लॉक कांग्रेस के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।
“भिलाई की पहचान मिटने नहीं देंगे”
रविशंकर शुक्ल प्रतिमा स्थल पर सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि भिलाई की पहचान आज पूरी दुनिया में है। मिनी इंडिया के रूप में यहां देशभर के लोग शांतिपूर्वक रह रहे हैं। भाजपा सरकार इसे खत्म करना चाहती है। वक्ताओं ने कहा कि भिलाई इस्पात संयंत्र और टाउनशिप को बचाने के लिए जरूरत पड़ी तो बलिदान देने से भी पीछे नहीं हटेंगे।

नागरिकों का मिला समर्थन
पदयात्रा रिसाली, मरोदा, सेक्टर क्षेत्र, सुपेला और रामनगर होते हुए आगे बढ़ी। जगह-जगह नागरिकों ने कांग्रेसियों का माला पहनाकर स्वागत किया और समर्थन दिया। पदयात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं ने लोगों के बीच पर्चे भी बांटे, जिसमें राष्ट्रपति को सौंपे जाने वाले ज्ञापन की मांगों का उल्लेख है।
देर शाम पदयात्रा जवाहर नगर स्थित मगध तेली समाज भवन पहुंची, जहां रात्रि विश्राम की व्यवस्था की गई थी।
