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रायपुर। पुलिस कमिश्नर प्रणाली को लेकर विधानसभा में दी गई जानकारी पर अब सवाल उठने लगे हैं। खुज्जी विधायक भोला राम साहू ने उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा को पत्र लिखकर सीधा आरोप लगाया है कि सदन में विरोधाभासी और भ्रामक जवाब दिया गया। विधायक ने पूरे मामले की जांच कराने और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
विधानसभा में क्या कहा था सरकार ने
विधायक भोला राम साहू के विधानसभा प्रश्न क्रमांक 328, दिनांक 26 फरवरी 2026 के जवाब में गृहमंत्री विजय शर्मा ने कहा था कि उरला थाना क्षेत्र को दो भागों में बांटा गया है। नगर निगम बीरगांव क्षेत्र पुलिस कमिश्नर रायपुर के अधीन है और शेष क्षेत्र रायपुर ग्रामीण एसपी के अधीन है। साथ ही यह भी बताया गया था कि कुछ ग्राम पंचायतों को कमिश्नर प्रणाली में शामिल किया गया है।

जमीनी हकीकत अलग: विधायक का दावा
विधायक भोला राम साहू ने उपमुख्यमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि विधानसभा में दी गई जानकारी और जमीनी सच्चाई में भारी विरोधाभास है। उन्होंने दो बड़े बिंदु उठाए। पहला, उरला थाने के किसी भी भाग का पर्यवेक्षण ग्रामीण एसपी द्वारा नहीं किया जा रहा है जबकि जवाब में विभाजन की बात कही गई। दूसरा, सरकार ने केवल कुछ ग्राम पंचायतों के शामिल होने की बात कही जबकि हकीकत में मुजगहन थाने के अलावा आमानाका थाने में भी कई ग्राम पंचायतें पुलिस कमिश्नर के क्षेत्राधिकार में हैं।
विधायक ने उठाए गंभीर सवाल
पत्र में विधायक भोला राम साहू ने कहा कि उन्हें अलग विश्वसनीय स्रोतों से मिली जानकारी सरकार के जवाब से मेल नहीं खाती। इससे संदेह पैदा होता है कि विधानसभा को तथ्यात्मक रूप से गलत या अधूरी जानकारी दी गई है। विधायक ने इसे गंभीर विषय बताया है।
जांच और कार्रवाई की मांग
खुज्जी विधायक ने मांग की है कि विधानसभा में प्रस्तुत उत्तर की वास्तविकता और सत्यता की जांच कराई जाए। यदि सदन में गलत, अधूरी या भ्रामक जानकारी दी गई हो तो संबंधित अधिकारियों और विभाग के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई हो। साथ ही जांच के बाद वास्तविक और प्रमाणित जानकारी उपलब्ध कराई जाए।
विधायक के इस पत्र के बाद गृह विभाग में हलचल तेज हो गई है। अब देखना होगा कि सरकार इस आरोप पर क्या रुख अपनाती है।