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81 एटीएम, 62 पासबुक जब्त: गरीबों के नाम पर खुलवाते थे ‘म्यूल अकाउंट’, ‘अन्ना रेड्डी’ एप से चल रहा था नेटवर्क
भिलाई। दुर्ग पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की संयुक्त टीम ने ऑनलाइन जुआ-सट्टा संचालित करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। आईटीआई खेल मैदान खुर्सीपार के पास से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 81 एटीएम कार्ड, 62 बैंक पासबुक, 5 चेकबुक, 13 मोबाइल, 11 सिम, लैपटॉप और हार्ड डिस्क समेत करीब 2.50 लाख की सामग्री जब्त की गई।
आईपीएल में रांची से चल रहा था नेटवर्क
21 जून को सहायक उप निरीक्षक तुलसी बिझेकर को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आईटीआई खेल मैदान के पास बिजली पोल के नीचे तीन युवक लैपटॉप और मोबाइल से ऑनलाइन जुआ-सट्टा चला रहे हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों को पकड़ा। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ‘अन्ना रेड्डी’ ऑनलाइन बेटिंग एप्लीकेशन के जरिए सट्टा चला रहे थे। आईपीएल सीजन के दौरान गिरोह रांची, झारखंड से नेटवर्क ऑपरेट कर रहा था।
गरीबों को लालच देकर खुलवाते थे खाते
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को पैसों का प्रलोभन देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाते थे। खाता खुलने के बाद पासबुक, एटीएम कार्ड, चेकबुक और मोबाइल सिम अपने कब्जे में रख लेते थे। ऐसे खातों को ‘म्यूल अकाउंट’ कहा जाता है। इन खातों का उपयोग सट्टे से मिली रकम को ट्रांसफर करने, अवैध लेन-देन छिपाने और निकासी के लिए किया जाता था। पहचान छिपाने के लिए अलग-अलग मोबाइल नंबर, सिम और डिजिटल उपकरणों का इस्तेमाल होता था।
इन धाराओं में केस दर्ज
आरोपियों के खिलाफ थाना खुर्सीपार में अपराध क्रमांक 236/2026 धारा 318(2), 318(3), 318(4), 319 भारतीय न्याय संहिता और छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 5, 6, 7 के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। बरामद डिजिटल उपकरणों और बैंक खातों का तकनीकी और वित्तीय विश्लेषण जारी है।
गिरफ्तार आरोपी
क्या जब्त हुआ
लेनोवो लैपटॉप 1, हार्ड डिस्क 1, मोबाइल 13, सिम 11, बैंक पासबुक 62, एटीएम कार्ड 81, चेकबुक 5। कुल कीमत करीब 2.50 लाख रुपए।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, पासबुक, चेकबुक, मोबाइल सिम या बैंकिंग दस्तावेज उपयोग के लिए न दें। ऐसे दस्तावेज साइबर अपराध, ऑनलाइन जुआ-सट्टा, वित्तीय धोखाधड़ी और मनी लॉन्ड्रिंग में इस्तेमाल हो सकते हैं। संदिग्ध वित्तीय गतिविधि की सूचना निकटतम थाना या साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दें।
कार्रवाई में थाना खुर्सीपार पुलिस और एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की टीम ने अहम भूमिका निभाई। सउनि तुलसी बिझेकर, प्रधान आरक्षक बल्लूराम सपहा, पेट्रोलिंग स्टाफ और साइबर टीम ने सूचना संकलन, तकनीकी विश्लेषण और घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ा।