आपातकाल लोकतंत्र पर सबसे बड़ा हमला, देश कभी नहीं भूलेगा वह काला दौर : जयंती पटेल


51वीं वर्षगांठ पर भाजपा की प्रेस वार्ता, कांग्रेस पर साधा निशाना; लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का लिया संकल्प

बेमेतरा। भारतीय जनता पार्टी ने देश में लगाए गए आपातकाल की 51वीं वर्षगांठ के अवसर पर बुधवार को बेमेतरा में प्रेस वार्ता आयोजित कर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। भाजपा ने 25 जून 1975 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय बताते हुए कहा कि यह वह दौर था, जब संविधान की मूल भावना, नागरिक स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक अधिकारों को कुचलने का प्रयास किया गया था।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए भाजपा प्रदेश मंत्री जयंती भाई पटेल ने कहा कि 25 जून 1975 को आंतरिक अशांति का हवाला देकर देश में आपातकाल लागू किया गया था, जिसके परिणामस्वरूप लोकतांत्रिक व्यवस्था को गंभीर आघात पहुंचा। उन्होंने कहा कि उस समय विपक्षी नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और लोकतंत्र समर्थक आवाजों को दबाने के लिए बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां की गईं। हजारों लोगों को बिना सुनवाई जेलों में बंद कर दिया गया और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर कठोर प्रतिबंध लगाए गए।
उन्होंने कहा कि प्रेस की स्वतंत्रता पर सेंसरशिप लागू कर समाचार पत्रों और मीडिया संस्थानों की आवाज को नियंत्रित किया गया। लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वायत्तता प्रभावित हुई और शासन व्यवस्था में भय एवं दमन का वातावरण पैदा कर दिया गया। श्री पटेल ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र ने उस कठिन दौर को झेला, लेकिन देश की जनता और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले लोगों के संघर्ष के कारण लोकतांत्रिक व्यवस्था पुनः स्थापित हुई।

=नई पीढ़ी को इतिहास जानना जरूरी

भाजपा प्रदेश मंत्री श्री पटेल ने कहा कि वर्तमान पीढ़ी को आपातकाल के इतिहास और उससे जुड़े घटनाक्रम की जानकारी होना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र केवल मतदान तक सीमित नहीं है, बल्कि नागरिकों के मौलिक अधिकारों, स्वतंत्र अभिव्यक्ति और संवैधानिक संस्थाओं की मजबूती से ही लोकतांत्रिक व्यवस्था मजबूत होती है।उन्होंने कहा कि आपातकाल की घटनाएं इस बात की याद दिलाती हैं कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए निरंतर सजग रहना आवश्यक है। यदि लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी की जाती है, तो नागरिक अधिकारों और संस्थाओं की स्वतंत्रता पर संकट उत्पन्न हो सकता है।

=कांग्रेस पर लगाए लोकतांत्रिक परंपराएं कमजोर करने के आरोप

प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर लोकतांत्रिक परंपराओं को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि 25 जून का दिन देश के इतिहास में लोकतंत्र पर कुठाराघात के रूप में दर्ज है। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान लिए गए फैसले भारतीय लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए एक चेतावनी के रूप में हमेशा याद किए जाएंगे।
भाजपा नेताओं ने कहा कि देश की जनता को उस दौर की घटनाओं को स्मरण रखना चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी परिस्थिति में लोकतांत्रिक संस्थाओं, संविधान और नागरिक अधिकारों पर संकट उत्पन्न न हो।

=लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का दोहराया संकल्प

आपातकाल की 51वीं वर्षगांठ पर भाजपा ने लोकतंत्र, संविधान और नागरिक अधिकारों की रक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। नेताओं ने कहा कि पार्टी हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करने और संवैधानिक व्यवस्था की रक्षा के लिए कार्य करती रहेगी। प्रेसवार्ता में प्रहलाद रजक (रजक बोर्ड अध्यक्ष), विजय सिन्हा (नगर पालिका अध्यक्ष), मीडिया प्रभारी दीपक मोटवानी ,हर्षवर्धन तिवारी,विनय साहू , शहर भाजयुमो अध्यक्ष हेतुल्य सिंह सहित भाजपा के अनेक पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।