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छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है।
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भिलाई। ओबेरायज़ म्यूज़िकल ग्रुप द्वारा कला मंदिर, सिविक सेंटर में आयोजित मोहम्मद रफ़ी की स्मृति को समर्पित भव्य संगीत संध्या “याद-ए-रफ़ी” अपने लगातार 43वें वर्ष में भी नए कीर्तिमानों के साथ अत्यंत सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस वर्ष का आयोजन स्वर सम्राट मोहम्मद रफ़ी की 46वीं पुण्यतिथि के साथ हाल ही में दिवंगत हुए हिंदी सिनेमा के महान, सुपर हिट अभिनेता धर्मेन्द्र को भी उनकी फिल्मों के सदाबहार गीतों के माध्यम से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम के दौरान कला मंदिर का सभागार शुरू से अंत तक खचाखच भरा रहा। हॉल के भीतर, बाहर तथा प्रवेश द्वार तक संगीत प्रेमियों की भारी भीड़ उमड़ी रही। विशेष बात यह रही कि अंतिम गीत की प्रस्तुति तक भी बड़ी संख्या में श्रोता अपनी सीटों पर डटे रहे और मंच संचालकों द्वारा कार्यक्रम की समाप्ति की घोषणा के बाद ही उठे। यह दृश्य कार्यक्रम की लोकप्रियता, उत्कृष्ट प्रस्तुति और दर्शकों की गहरी तल्लीनता का प्रमाण था।
संस्था के संचालक इकबाल सिंह ओबेराय का इस वर्ष लगभग 48 गीतों को एक ही संध्या में सुव्यवस्थित ढंग से प्रस्तुत करने का प्रयोग पूरी तरह सफल रहा। उत्कृष्ट समय-प्रबंधन और अनुशासित संचालन के कारण कार्यक्रम निर्धारित समय पर संपन्न हुआ। लगातार प्रस्तुतियों के बावजूद पूरे कार्यक्रम में दर्शकों का उत्साह अंत तक बना रहा।

कार्यक्रम में इकबाल सिंह ओबेराय, शेख अमीन, देवब्रत राय, पी.टी. उल्लास, परन भाटिया, इन्द्रनील चौधरी, डॉ. जावेद अली, धर्मेन्द्र रावल, सजीव सुधाकरन, अक्षय फिलिप्स, वीणा मखीजा, तान्या समद्दार, मधुरिमा रे, सरोज खत्री एवं स्नेहा जोशी ने अपनी उत्कृष्ट प्रस्तुतियों से श्रोताओं का मन मोह लिया। “ओ मेरी महबूबा”, “झिलमिल सितारों का आँगन होगा”, “तेरे पास आके मेरा वक़्त गुजर”, “आज मौसम बड़ा बेईमान है”, “मेरे दुश्मन तू मेरी दोस्ती को तरसे”, “हुई शाम उनका ख़याल आ गया”, “यक़ीन कर लो”, “ये दिल दीवाना है”, “जीत ही लेंगे बाज़ी हम तुम”, “माँ तुझे ढूँढूँ कहाँ”, “गर तुम भुला न दोगे”, “देखा है तेरी आँखों में” तथा “ये दोस्ती” जैसे सदाबहार गीतों ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। प्रत्येक प्रस्तुति पर दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण इकबाल सिंह ओबेराय ने अपनी दमदार गायकी, ऊर्जावान मंचीय उपस्थिति तथा दर्शकों के बीच जाकर उनसे आत्मीय संवाद स्थापित करने की अनूठी शैली से पूरे सभागार का वातावरण संगीतमय उत्सव में बदल दिया। उनकी प्रस्तुतियों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम की सफलता में संगीतकारों का योगदान भी अत्यंत उल्लेखनीय रहा। सभी वादकों ने मूल धुनों के अनुरूप सटीक और प्रभावशाली संगत देकर प्रत्येक गीत को जीवंत बना दिया। उत्कृष्ट एवं संतुलित ध्वनि व्यवस्था ने भी कार्यक्रम को तकनीकी दृष्टि से उच्च स्तर का बनाया, जिससे हर प्रस्तुति का आनंद श्रोताओं तक पूरी स्पष्टता और मधुरता के साथ पहुँचा।
मंच संचालन आकाशवाणी रायपुर के दीपक हटवार एवं भोपाल के विजय मनवानी ने अपनी प्रभावशाली, सहज और रोचक शैली में किया। दोनों उद्घोषकों ने पूरे कार्यक्रम को गरिमा, ऊर्जा और अनुशासन के साथ संचालित करते हुए श्रोताओं को अंतिम क्षण तक बाँधे रखा।
कार्यक्रम में सुधीर बंसल, विजय अग्रवाल, नरेंद्र बंछोर, बीएसपी के अनेक वरिष्ठ अधिकारी, क्षेत्र के प्रतिष्ठित उद्योगपति एवं व्यवसायी, प्रख्यात गायक-गायिकाएँ, संगीतकार, आयोजनकर्ता तथा सैकड़ों संगीत प्रेमियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। उपस्थित अतिथियों एवं संगीत प्रेमियों ने एक स्वर में कार्यक्रम की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए इसे छत्तीसगढ़ के सर्वश्रेष्ठ और सर्वाधिक प्रतिष्ठित संगीत आयोजनों में से एक बताया।