बस्तर से सरगुजा तक रेल संपर्क मजबूत होगा, CM साय की रेल मंत्री से अहम बैठक


कटघोरा-डोंगरगढ़ और रावघाट-जगदलपुर जैसी 7 नई रेल लाइनों पर चर्चा, केंद्र से मिली सकारात्मक पहल की गारंटी

छत्तीसगढ़ में बस्तर से सरगुजा तक रेल कनेक्टिविटी मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर प्रदेश की प्रमुख लंबित और नई रेल परियोजनाओं पर विस्तृत चर्चा की।

इस बैठक में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू और राजनांदगांव सांसद संतोष पांडे भी मौजूद थे।

कटघोरा-डोंगरगढ़ नई लाइन बनेगी JV से
बैठक में 295 किलोमीटर लंबी कटघोरा-डोंगरगढ़ नई रेल लाइन पर विशेष चर्चा हुई। यह परियोजना रेल मंत्रालय और राज्य सरकार के संयुक्त उपक्रम SPV के जरिए बनेगी।

यह लाइन कटघोरा-कतला-मुंगेली-कवर्धा-खैरागढ़ होते हुए डोंगरगढ़ तक जाएगी। इससे कई ऐसे क्षेत्र पहली बार रेल नेटवर्क से जुड़ेंगे जहां अब तक ट्रेन नहीं पहुंची है। साय ने कहा इससे उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और लाखों लोगों को आवागमन की सुविधा होगी।

रावघाट-जगदलपुर लाइन का काम शुरू होने वाला
140 किमी लंबी रावघाट-जगदलपुर रेल लाइन की भी समीक्षा हुई। मुख्यमंत्री ने बताया कि इसके लिए भूमि अधिग्रहण पूरा हो चुका है और रेलवे की निविदा प्रक्रिया अंतिम चरण में है। काम शुरू होते ही बस्तर की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और क्षेत्र का सामाजिक-आर्थिक विकास तेज होगा।

सरगुजा की 3 बड़ी परियोजनाओं को मांगी मंजूरी
मुख्यमंत्री ने उत्तर छत्तीसगढ़ के लिए 3 महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं को शीघ्र स्वीकृति देने का आग्रह किया:

  1. सरडेगा-पत्थलगांव-अंबिकापुर – 244 किमी
  2. धरमजयगढ़-पत्थलगांव-लोहरदगा – 301 किमी
  3. अंबिकापुर-बरवाडीह – 200 किमी

साय ने कहा इनसे सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापार, पर्यटन, खनिज परिवहन और रोजगार के नए अवसर बनेंगे। रेल मंत्री वैष्णव ने इन पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया।

बस्तर-तेलंगाना कनेक्टिविटी पर भी जोर
बैठक में किरंदुल-कोत्तागुडेम 180 किमी और गढ़चिरौली-बीजापुर-किरंदुल 490 किमी नई लाइनों के सर्वे की प्रगति पर भी बात हुई। मुख्यमंत्री ने सर्वे जल्द पूरा कर काम शुरू करने का अनुरोध किया ताकि बस्तर क्षेत्र की कनेक्टिविटी और सुरक्षा दोनों मजबूत हों।

“रेल नेटवर्क विकास की रीढ़ बनेगा” – साय
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि “रेल नेटवर्क का विस्तार केवल यातायात का विषय नहीं, बल्कि औद्योगिक विकास, कृषि विपणन, पर्यटन और जनजातीय अंचलों की प्रगति से जुड़ा है।”

उन्होंने केंद्र सरकार के सहयोग से छत्तीसगढ़ में रेल विकास के नए अध्याय लिखे जाने की बात कहते हुए विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में राज्य का रेल नेटवर्क और मजबूत होगा और “विकसित छत्तीसगढ़” के निर्माण को गति मिलेगी।