हमारे बारे में
छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है।
हमारे बारे में
छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है।

भिलाई। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के समाज सेवा प्रभाग द्वारा पूर्व मुख्य प्रशासिका राजयोगिनी दादी प्रकाशमणि की 19वीं पुण्य स्मृति एवं विश्व बंधुत्व दिवस पर आयोजित पांच दिवसीय रक्तदान महाअभियान के तहत सेक्टर-7 स्थित पीस ऑडिटोरियम एवं राजयोग भवन में शनिवार को रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। शिविर में कुल 192 यूनिट रक्तदान हुआ।
अभियान का संदेश “मानवता का करें कल्याण, आओ मिलकर करें रक्तदान” रहा।

आध्यात्मिक चिंतन के साथ रक्तदान
शिविर का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। शिविर में रक्तदान की अनूठी विधि आकर्षण का केंद्र रही, जहां रक्तदाताओं ने रक्तदान से पहले पांच मिनट परमात्मा की याद में मेडिटेशन कर आत्मिक ऊर्जा को बढ़ाया।
मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद टेक्निकल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. अरुण अरोरा ने कहा कि यहां रक्तदान की सुंदर और अनूठी विधि देखने को मिली। सकारात्मक ऊर्जा के साथ दिया गया रक्त जरूरतमंद के स्वास्थ्य लाभ में सहायक बनेगा। कृष्णा पब्लिक स्कूल के चेयरमैन आनंद त्रिपाठी ने कहा कि यहां रक्त लेने वाले भी सुखी हैं, देने वाले भी सुखी हैं।

गणमान्य रहे उपस्थित
कार्यक्रम में पं. जवाहरलाल नेहरू अस्पताल सेक्टर-9 के डायरेक्टर सीएमओ इंचार्ज डॉ. उदय, ब्लड बैंक इंचार्ज राजीव शर्मा, जिला अस्पताल दुर्ग के सीएमएचओ डॉ. मनोज दानी, सिविल सर्जन डॉ. आशीष मिंज, नोडल अधिकारी डॉ. एस.आर. चुरेंद्र, एडिशनल एसपी सिटी शोभराज अग्रवाल, सीएसपी सत्यप्रकाश तिवारी, अपेक्स बैंक के एमडी कमल नारायण, समाजसेवी इंद्रजीत सिंह, सांसद विजय बघेल सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

अतिथियों ने रक्तदाताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। रक्तदाताओं के लिए सेल्फी जोन बनाया गया था और उन्हें ईश्वरीय सौगात एवं फलाहार प्रदान किया गया।
भिलाई सेवाकेंद्र की निदेशिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी आशा दीदी ने सभी का आभार व्यक्त किया। संचालन वरिष्ठ राजयोग शिक्षिका ब्रह्माकुमारी प्राची दीदी ने किया।
