NDPS केस में रिकॉर्ड सजा: एक साल में 5 आरोपियों को 15-15 साल की जेल और 2 लाख जुर्माना


रायपुर। रायपुर पुलिस कमिश्नरेट की NDPS ट्रायल मॉनिटरिंग व्यवस्था का बड़ा परिणाम सामने आया है। थाना कबीर नगर के अपराध क्रमांक 185/2025 में 25 अगस्त 2025 को मामला दर्ज होने के मात्र 381 दिन में कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए 5 आरोपियों को 15-15 साल के सश्रम कारावास और 2-2 लाख रुपये जुर्माने की सजा दी है।

पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशन में NDPS मामलों में एंड-टू-एंड इन्वेस्टिगेशन और समयबद्ध ट्रायल पर विशेष फोकस किया जा रहा है।

क्या था मामला
25 अगस्त 2025
को पुलिस ने प्रतिबंधित नशीली सिरप TUSCOREX की 100 शीशी (10 लीटर, कीमत 25 हजार) जप्त कर राहुल बंजारे और नंदन मिश्रा को गिरफ्तार किया था। विवेचना में सुरेंद्र सिंह का नाम सामने आने पर उसे भी पकड़ा गया। केवल बरामदगी तक सीमित न रहते हुए पुलिस ने सप्लाई चेन तक जांच की, तो भिलाई के अधिराज मेडिकल, मॉडल टाउन से सप्लाई होना पाया गया। मेडिकल संचालक उदित शर्मा और सह-संचालक सूजा कुरैशी उर्फ सन्नी को भी गिरफ्तार किया गया।

पुलिस ने वैज्ञानिक परीक्षण और साक्ष्य संकलन कर 19 दिसंबर 2025 को चालान पेश किया। इसके बाद ट्रायल मॉनिटरिंग के तहत गवाहों की समय पर पेशी और समन-वारंट तामीली पर ध्यान दिया गया, जिससे चालान के 265 दिन में ही सुनवाई पूरी हो गई।

10 सितंबर 2026 को विशेष न्यायालय NDPS रायपुर की न्यायाधीश श्रीमती किरण थवाईत ने पांचों आरोपियों राहुल बंजारे, नंदन मिश्रा, सुरेंद्र सिंह, उदित शर्मा और सूजा कुरैशी उर्फ सन्नी को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।

पुलिस ने इसे नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कड़ा संदेश बताया है।