वॉश-वॉश / ब्लैक करेंसी स्कैम: अरबों की ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश, 7 आरोपी गिरफ्तार, 4 करोड़ से ज्यादा कैश बरामद


रायपुर : रायपुर कमिश्नरेट पुलिस ने वॉश-वॉश यानी ब्लैक करेंसी स्कैम के जरिए देशभर में अरबों की ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस आयुक्त डॉ. संजीव शुक्ला के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त टीम ने पुणे के खंडाला स्थित एक रिसॉर्ट में छापा मारकर 7 अंतर्राज्यीय ठगों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 4 करोड़ से अधिक नकद, 17 मोबाइल, काले नोट के आकार के पेपर, कांच की प्लेटें और अन्य सामग्री जब्त की गई है।

इस मामले में पहले ही नागपुर से दो महिला आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस तरह अब तक कुल 9 आरोपी पकड़े जा चुके हैं।

रायपुर के कारोबारी से 1.13 करोड़ की ठगी
गिरोह ने रायपुर के एक प्रार्थी को रकम दोगुनी करने का झांसा देकर 1.13 करोड़ रुपये की ठगी की थी। थाना तेलीबांधा में अपराध क्रमांक 330/26 धारा 318(4), 61(2) BNS के तहत मामला दर्ज किया गया था। साइबर टीम ने जब्त मोबाइलों की चैट और डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण से आरोपियों को पुणे में लोकेट किया।

पुलिस टीम ने एक सप्ताह तक कैंप कर निगरानी के बाद खंडाला के रिसॉर्ट में दबिश दी। उस वक्त आरोपी वाराणसी के एक व्यक्ति को रकम दोगुनी करने के नाम पर बुलाकर करोड़ों रुपये लेकर ठग रहे थे। टीम ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ा। सभी को ट्रांजिट रिमांड पर रायपुर लाया गया है।

2005 से सक्रिय है गिरोह, 100 से ज्यादा लोगों को ठगा
पूछताछ में सामने आया कि गिरोह 2005 से सक्रिय है और अब तक देशभर में 100 से ज्यादा लोगों से अरबों रुपये ठग चुका है। गिरोह के सरगना ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव उर्फ योगी, प्रवीण कुमार श्रीवास्तव उर्फ कैप्टन उर्फ शेट्टी उर्फ रेड्डी और मनोज कुमार श्रीवास्तव उर्फ बड़े सर हैं।

गिरोह खुद को “डी ग्रुप कंपनी (दाऊद ग्रुप)” से जुड़ा बताकर रौब जमाता था। कैप्टन और बड़े सर जैसी कोड भाषा में बात करते थे। पीड़ितों को प्रभावित करने के लिए बड़े नेताओं और फिल्मी सितारों के साथ फोटो दिखाते थे और निजी गनमैन भी साथ रखते थे।

तरीका-ए-वारदात – वॉश-वॉश स्कैम
आरोपी खुद को प्रभावशाली व्यक्ति और विदेशी निवेशकों से जुड़ा बताते थे। दिल्ली, कोलकाता, मुंबई, हैदराबाद, हरियाणा, आगरा, राजस्थान, गुजरात, नागपुर के फाइव स्टार होटलों में बुलाकर केमिकल से काले कागज को असली नोट में बदलने का नकली प्रदर्शन करते थे। पहले से रखे असली नोट दिखाकर विश्वास जीतते और फिर विदेशी केमिकल, हाई-पावर केमिकल, फाइल प्रोसेसिंग, सुरक्षा मंजूरी के नाम पर किस्तों में रकम ऐंठ लेते थे।

आरोपी प्रवीण और मनोज पहले भी मुंबई और वाराणसी में ठगी के मामलों में जेल जा चुके हैं।

गिरफ्तार आरोपी –

  1. ज्ञान प्रकाश श्रीवास्तव उर्फ योगी (46) गुड़गांव हरियाणा
  2. प्रवीण कुमार श्रीवास्तव उर्फ कैप्टन (52) वाराणसी
  3. मनोज कुमार श्रीवास्तव उर्फ बड़े सर (55) वाराणसी
  4. विवेक सिंह (48) वाराणसी
  5. शुभम पांडेय (37) जौनपुर, हाल – मुंबई
  6. योगेन्द्र चौहान (48) जौनपुर
  7. बालमुकुंद दीक्षित (40) जौनपुर