क्षेत्रीय पत्रकारिता का बढ़ा मान: एमसीबी के युवा पत्रकार रविकांत सिंह राजपूत दिल्ली में ’40 अंडर 40′ राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित


उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित भव्य समारोह में सौंपा प्रतिष्ठित मोमेंटो

देशभर के सैकड़ों आवेदनों में से शीर्ष मीडिया जूरी ने किया चयन; पहले भी यूनिसेफ से मिल चुका है सम्मान

​नई दिल्ली/ मनेंद्रगढ़। देश की राजधानी नई दिल्ली के ​लोधी रोड स्थित देश के प्रतिष्ठित इंडिया इंटरनेशनल सेंटर में मंगलवार को मीडिया जगत की तमाम दिग्गज हस्तियों का जमावड़ा लगा। मौका था समाचार 4 मीडिया 40 अंडर 40 राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह का। जहाँ देश के युवा और साहसिक पत्रकारों को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए सम्मानित किया गया। इसी गरिमामय मंच पर मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के होनहार और साहसी पत्रकार रविकांत सिंह राजपूत को मीडिया जगत के इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा गया। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने उन्हें मोमेंटो सौंपकर सम्मानित किया।

​कड़े मानकों पर खरे उतरे रविकांत, जूरी ने सराहा

​इस राष्ट्रीय अवॉर्ड के लिए देशभर के प्रिंट, टीवी और डिजिटल मीडिया से सैकड़ों पत्रकारों ने आवेदन किया था। देश के शीर्ष संपादकों और वरिष्ठ मीडिया विशेषज्ञों की एक उच्च स्तरीय जूरी ने कड़े मानकों और गहन मूल्यांकन के आधार पर अंतिम 40 युवाओं का चयन किया। रविकांत सिंह राजपूत ने अपनी निष्पक्ष, साहसिक और अटूट समर्पण वाली पत्रकारिता के बल पर इस प्रतिष्ठित सूची में अपनी जगह बनाई। रविकांत की यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत संघर्षों और प्रयासों का प्रमाण है, बल्कि दूरस्थ अंचलों की क्षेत्रीय पत्रकारिता को भी राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दिलाती है।

​यूनिसेफ से भी मिल चुका है सम्मान
​रविकांत सिंह राजपूत की पहचान क्षेत्रीय स्तर पर जन सरोकार से जुड़ी खबरों को निडरता से उठाने वाले पत्रकार के रूप में होती है। यह पहला मौका नहीं है जब उनकी पत्रकारिता को सराहना मिली हो, इससे पहले भी उन्हें उत्कृष्ट बाल पत्रकारिता के लिए प्रतिष्ठित यूनिसेफ मीडिया फॉर चिल्ड्रन अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है।

​दिग्गज संपादकों का जुटा मेला
​पुरस्कार वितरण समारोह से पूर्व एक विशेष मीडिया कॉन्फ्रेंस का भी आयोजन किया गया। इसमें देश के जाने-माने वरिष्ठ संपादकों और मीडिया हस्तियों ने वर्तमान मीडिया परिदृश्य, उभरती चुनौतियों और समसामयिक विषयों पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में मौजूद सभी दिग्गजों ने क्षेत्रीय पत्रकारिता के महत्व पर जोर देते हुए रविकांत जैसे युवा पत्रकारों के प्रयासों की सराहना की। दूरस्थ अंचलों से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी धाक जमाना और जनसरोकार की पत्रकारिता को पहचान दिलाना ही आज के दौर की सबसे बड़ी जरूरत है।