सत्तीचौरा में महाकाल के रूप में सजे सत्तीश्वर महादेव, दिव्य श्रृंगार के बाद हुई महाआरती, 26 को निकलेगी कांवड़ यात्रा


दुर्ग। सावन के अंतिम सोमवार पर दुर्ग के प्राचीन सत्तीचौरा स्थित सत्तीश्वर महादेव मंदिर में भव्य आयोजन हुआ। बाबा का उज्जैन के महाकाल के स्वरूप में दिव्य श्रृंगार कर महाआरती की गई, जिसमें गंजपारा सहित आसपास के सैकड़ों शिवभक्त शामिल हुए।

सत्तीचौरा में स्थापित शिवलिंग 100 वर्ष से अधिक पुराना बताया जाता है। मान्यता है कि यह शिवलिंग जमीन की खुदाई के दौरान प्रकट हुआ था और यह मनोकामना सिद्ध शिवलिंग है, जहां प्रतिदिन गंजपारा के लोग पूजन करते हैं।

मंदिर समिति ने बताया कि सावन माह में प्रत्येक सोमवार को बाबा का विशेष श्रृंगार किया जाता है। इस वर्ष प्रथम सोमवार को फूलों से, द्वितीय सोमवार को बेलपत्री एवं विशेष वस्त्रों से, तृतीय सोमवार को फलों से और चौथे व अंतिम सोमवार को बाबा को महाकाल के रूप में सजाया गया। अंतिम सोमवार के श्रृंगार के दर्शन के लिए देर शाम तक भक्तों की भीड़ लगी रही।

सोमवार की संध्या में श्रृंगार के पश्चात उज्जैन महाकाल मंदिर की तर्ज पर महाआरती की गई। पूजा-अर्चना मंदिर के पुजारी सुनील पांडेय ने कराई, जबकि बाबा का अद्भुत महाकाल श्रृंगार आदित्य चतुर्वेदी ने किया। आरती के बाद उपस्थित भक्तों को मिष्ठान, पोहा, चॉकलेट, नमकीन और फलों का प्रसाद वितरित किया गया।

इस अवसर पर राजेश शर्मा, सुरेश गुप्ता, नरेंद्र गुप्ता, गोपाल शर्मा, मनीष सेन, प्रकाश सिन्हा, नरेंद्र शर्मा, सोनल सेन, घनश्याम पंड्या, प्रकाश टावरी, मोहित पुरोहित, ऋषि गुप्ता, सुजल शर्मा, सुंदर गुप्ता, दुर्गा कश्यप, प्रशांत कश्यप, जीवन राजपूत, बिरजू यादव, दीनानाथ ढीमर सहित सैकड़ों महिला-पुरुष उपस्थित थे।

26 अगस्त को शिवनाथ नदी से कांवड़ यात्रा

समिति ने बताया कि 26 अगस्त बुधवार को शिवनाथ नदी से कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी। बाजे-गाजे और बोल बम के जयकारों के साथ भक्त शिवनाथ नदी से जल लेकर गंजपारा के मुख्य मार्ग होते हुए सत्तीचौरा स्थित सत्तीश्वर महादेव मंदिर में जलाभिषेक करेंगे। यह तीसरा वर्ष है जब इस कांवड़ यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। इसमें गंजपारा के साथ अन्य वार्डों के भक्त भी शामिल होंगे।