दुर्ग में नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के दोषी को फांसी, पॉक्सो कोर्ट ने सुनाया ऐतिहासिक फैसला


दुर्ग। जिले के बहुचर्चित नाबालिग से दुष्कर्म और हत्या के मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, चतुर्थ एफटीएससी (पॉक्सो) दुर्ग ने आज बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायालय ने दोषी सोमेश यादव को मृत्युदंड की सजा सुनाई है।

क्या है मामला –
विशेष दाण्डिक प्रकरण (पॉक्सो) क्रमांक 44/2025 के तहत अभियुक्त सोमेश यादव पिता मनोहर लाल यादव, उम्र 24 वर्ष, निवासी ओम नगर, उरला, वार्ड नं. 58, थाना मोहन नगर, जिला दुर्ग के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की गंभीर धाराओं में केस दर्ज था। अभियुक्त 8 अप्रैल 2025 से न्यायिक अभिरक्षा में जेल में बंद था।

न्यायालय ने 10 सितंबर 2026 को सुनवाई पूरी करते हुए अभियुक्त को दोषसिद्ध पाया।

न्यायालय ने क्या सजा सुनाई –

न्यायालय ने तीन अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाई है –

  1. पॉक्सो एक्ट की धारा 5(ड) एवं (ढ) सहपठित धारा 6(1) में – मृत्युदंड और 5000 रुपये अर्थदंड, अदा न करने पर 1 वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास।
  2. भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) (हत्या) में – मृत्युदंड और 5000 रुपये अर्थदंड, अदा न करने पर 1 वर्ष का अतिरिक्त कारावास।
  3. बीएनएस की धारा 238(क) (सबूत मिटाना) में – 5 वर्ष का सश्रम कारावास और 1000 रुपये अर्थदंड, अदा न करने पर 1 माह का अतिरिक्त कारावास।

न्यायालय ने अपने आदेश में कहा है कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी, लेकिन अर्थदंड न देने पर अतिरिक्त सजा अलग से भुगतनी होगी।

अब क्या होगा –

न्यायालय ने धारा 407 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत प्रारूप 40 में मृत्यु दंडादेश के अधीन सुपुर्दगी वारंट जारी किया है। इसके तहत जेल अधीक्षक केंद्रीय जेल दुर्ग को निर्देश दिया गया है कि दोषी सोमेश यादव को अपनी अभिरक्षा में सुरक्षित रखें, जब तक कि माननीय उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ बिलासपुर द्वारा मृत्युदंड की पुष्टि के संबंध में अगला आदेश प्राप्त नहीं हो जाता।

नियमानुसार फांसी की सजा पर अमल से पहले हाईकोर्ट से पुष्टि होना अनिवार्य है।