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राजनांदगांव। राजनांदगांव विधानसभा क्षेत्र के ग्राम उसरीबोड़ में 14 जुलाई को उपसरपंच के खिलाफ आया अविश्वास प्रस्ताव विफल होने के बाद गांव में नया विवाद खड़ा हो गया है। ग्राम विकास समिति ने अविश्वास प्रस्ताव में उपसरपंच के पक्ष में मतदान करने का आरोप लगाते हुए सरपंच और तीन महिला पंचों पर आर्थिक दंड लगाया है।
क्या है पूरा मामला
सूत्रों के अनुसार ग्राम विकास समिति ने उपसरपंच देवराज निषाद पर विभिन्न आरोप लगाकर उन्हें पद से हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाया था। मतदान में प्रस्ताव पारित नहीं हो सका और देवराज निषाद अपने पद पर बने रहे।
उपसरपंच की जीत के बाद समिति ने बैठक कर निर्णय लिया कि जिन पंचों और सरपंच के कारण प्रस्ताव गिरा, उन पर दंड लगाया जाए। इसके तहत तीन महिला पंचों पर 21-21 हजार रुपये और सरपंच पर 31 हजार रुपये का दंड निर्धारित किया गया है। कुल 94 हजार रुपये का दंड लगाया गया है।
गांव में चर्चा तेज
इस निर्णय के बाद उसरीबोड़ में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में मतदान के आधार पर दंड लगाना उचित नहीं है। वहीं कुछ लोगों का मानना है कि समिति ने अनुशासन बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया है।
प्रशासन ने नहीं की पुष्टि
अब तक इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी या पुष्टि सामने नहीं आई है। अधिकारियों का कहना है कि यदि पंचों या सरपंच द्वारा कोई शिकायत या आपत्ति दर्ज की जाती है तो जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
ग्राम पंचायत में अविश्वास प्रस्ताव के बाद दंड की इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र की राजनीति और ग्रामीण माहौल गरमा गया है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि दंडित पंच और सरपंच इस फैसले के खिलाफ क्या कदम उठाते हैं।