धौर में महिला-बाल विकास विभाग का कार्यक्रम


गोदभराई, अन्नप्राशन और सुपोषण वृक्षारोपण, बाल विवाह मुक्ति की शपथ

दुर्ग। महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत ग्राम पंचायत धौर के प्राथमिक विद्यालय क्रमांक-2 के प्रांगण में मंगलवार को विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां सरस्वती की पूजा-अर्चना के साथ किया गया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अहिवारा विधायक डोमनलाल कोर्सेवाड़ा थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला पंचायत सभापति जितेंद्र यादव ने की। विशेष अतिथि के रूप में जनपद पंचायत दुर्ग के सभापति गोकुल वर्मा उपस्थित रहे। अन्य अतिथियों में सरपंच लता साहू, उप सरपंच घनश्याम साहू और विधायक प्रतिनिधि अशोक मंडारे शामिल हुए।

सुपोषण वृक्षारोपण और सामग्री वितरण
मुख्य अतिथि डोमनलाल कोर्सेवाड़ा ने आंगनबाड़ी केंद्र धौर-4 के प्रांगण में सुपोषण वृक्ष मुनगा का पौधा लगाया। जिला पंचायत सभापति जितेंद्र यादव और जनपद पंचायत सभापति गोकुल वर्मा ने भी आंगनबाड़ी परिसर में पौधरोपण किया।
‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान के तहत 3 गर्भवती महिलाओं गीता, सुरेखा और सुनीता की गोदभराई की गई। वहीं 6 माह पूर्ण कर चुके 2 बच्चों मायरा और नितिन का अन्नप्राशन संस्कार कराया गया। आंगनबाड़ी के बच्चों को पानी की बोतल और कलर पेंसिल का वितरण भी किया गया।

अतिथियों ने की योजनाओं की सराहना
डोमनलाल कोर्सेवाड़ा ने महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि गोदभराई, अन्नप्राशन और बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ जैसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लक्ष्मी देशलहरे के कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा कि आप बच्चों को अनौपचारिक शिक्षा देकर उन्हें शाला प्रवेश के लिए तैयार करती हैं। आप सभी हमारे देश के भविष्य के निर्माता हैं।
जिला पंचायत सभापति जितेंद्र यादव ने कहा कि महतारी वंदन, मातृत्व वंदना और पोषण आहार जैसी शासकीय योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने का कार्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से ही संभव हो पा रहा है। उन्होंने विभाग को शुभकामनाएं दीं।

बाल विवाह मुक्ति की शपथ
दुर्ग ग्रामीण परियोजना अधिकारी उषा झा ने बाल विवाह प्रतिषेध अभियान के तहत छत्तीसगढ़ को बाल विवाह मुक्त बनाने को लेकर संक्षिप्त जानकारी दी। इसके बाद जितेंद्र यादव ने उपस्थित सभी लोगों को बाल विवाह मुक्त ग्राम बनाने की शपथ दिलाई।
कार्यक्रम में पर्यवेक्षक चंद्रकला शर्मा, कंचन गौतम, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता लक्ष्मी देशलहरे, शकुन चित्ररेखा, वीणा साहू, मीना मंडारे, सुमन टंडन, हेमा चंद्रवंशी, शिक्षक-शिक्षिकाएं, पालक, ग्रामीण और बच्चे गोदावरी, मिथिलेश, मंजू, सुधा सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।