मुख्यमंत्री ने की “मोहला” ब्रांड की सराहना, महिला समूहों एवं FPO को दी बधाई


रायपुर। मुख्यमंत्री को भेंट किए गए “मोहला” ब्रांड के उत्पाद, महुआ आधारित उत्पादों की विशेष रूप से की प्रशंसा जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) अंतर्गत स्व-सहायता समूहों (SHG) एवं किसान उत्पादक संगठनों (FPO) द्वारा तैयार किए जा रहे स्थानीय एवं पोषणयुक्त उत्पादों को “मोहला” ब्रांड के रूप में नई पहचान प्रदान की गई है। यह पहल जिले की ग्रामीण महिलाओं एवं किसानों को आत्मनिर्भर बनाने, स्थानीय संसाधनों पर आधारित आजीविका को बढ़ावा देने तथा वनोपज एवं मिलेट्स आधारित उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

“मोहला” ब्रांड के अंतर्गत महिला समूहों एवं FPO द्वारा महुआ का अचार, जंगल का शुद्ध शहद, रागी के लड्डू, मिलेट्स कुकीज, कोदो चावल, रागी का आटा तथा अन्य स्थानीय उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। इन उत्पादों में स्थानीय परंपरा, पोषण और गुणवत्ता का अनूठा समावेश है, जो जिले की विशिष्ट पहचान को प्रदर्शित करते हैं।

जिले की महिलाओं एवं किसानों के इस अभिनव प्रयास को प्रोत्साहित करने हेतु कलेक्टर तूलिका प्रजापति एवं जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) भारती चंद्राकर द्वारा “मोहला” ब्रांड के उत्पादों का संग्रह माननीय मुख्यमंत्री महोदय को भेंट किया गया।

इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री महोदय ने “मोहला” ब्रांड की विशेष सराहना करते हुए कहा कि मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जैसे आदिवासी एवं वनांचल क्षेत्र में महिलाओं और किसानों द्वारा स्थानीय संसाधनों के आधार पर स्वयं का जिला ब्रांड विकसित करना अत्यंत प्रेरणादायक पहल है। यह केवल उत्पादों का ब्रांड नहीं, बल्कि स्थानीय उद्यमिता, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का सशक्त माध्यम है।

मुख्यमंत्री महोदय ने विशेष रूप से महुआ से निर्मित उत्पादों की प्रशंसा करते हुए कहा कि महुआ प्रदेश की सांस्कृतिक और आर्थिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। महुआ आधारित उत्पादों को आधुनिक पैकेजिंग एवं ब्रांडिंग के माध्यम से बाजार उपलब्ध कराना स्थानीय समुदायों की आय बढ़ाने की दिशा में एक उत्कृष्ट प्रयास है। उन्होंने “मोहला” ब्रांड से जुड़े सभी स्व-सहायता समूहों, FPO एवं जिला प्रशासन को इस नवाचार के लिए बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
मुख्यमंत्री महोदय ने यह भी कहा कि स्थानीय उत्पादों को स्थानीय पहचान से जोड़कर उन्हें राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर के बाजारों तक पहुंचाना “वोकल फॉर लोकल” और “आत्मनिर्भर भारत” की भावना को साकार करने का प्रभावी उदाहरण है।
कलेक्टर श्रीमती तूलिका प्रजापति ने कहा कि “मोहला” ब्रांड जिले की महिलाओं और किसानों की मेहनत, कौशल और उद्यमशीलता का प्रतीक है। इसके माध्यम से स्थानीय उत्पादों को नई पहचान मिलने के साथ-साथ ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि और रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।

जिला पंचायत CEO भारती चंद्राकर ने बताया कि जिले के स्व-सहायता समूहों एवं FPO द्वारा निर्मित उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने, बेहतर पैकेजिंग, ब्रांडिंग एवं विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। आने वाले समय में “मोहला” ब्रांड को जिले की विशिष्ट पहचान के रूप में स्थापित किया जाएगा।

“मोहला” आज केवल एक ब्रांड नहीं, बल्कि जिले की महिलाओं, किसानों, स्व-सहायता समूहों एवं FPO की सामूहिक मेहनत, आत्मनिर्भरता, नवाचार और स्थानीय गौरव का प्रतीक बनकर उभर रहा है। यह पहल साबित करती है कि जब स्थानीय संसाधनों को स्थानीय प्रतिभा और मजबूत ब्रांडिंग से जोड़ा जाता है, तब ग्रामीण अर्थव्यवस्था में परिवर्तन की नई कहानी लिखी जा सकती है।