अरुण देव गौतम छत्तीसगढ़ के पूर्णकालिक डीजीपी बने, राज्य सरकार ने जारी किया आदेश


कार्यवाहक डीजीपी के रूप में संभाल रहे थे जिम्मा, नक्सल ऑपरेशन में अहम भूमिका

रायपुर: राज्य सरकार ने 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी अरुण देव गौतम को छत्तीसगढ़ का पूर्णकालिक पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त कर दिया है। गृह विभाग ने शुक्रवार देर शाम इसका आदेश जारी किया। वे अभी तक कार्यवाहक डीजीपी के रूप में पुलिस विभाग की कमान संभाल रहे थे।

नक्सल मोर्चे पर मिली बड़ी सफलता
अरुण देव गौतम के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ पुलिस ने नक्सल मोर्चे पर निर्णायक बढ़त हासिल की है। 31 मार्च 2026 को बस्तर के नक्सल मुक्त होने की घोषणा में उनकी रणनीतिक भूमिका अहम मानी जा रही है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के 17-19 मई के बस्तर दौरे के ठीक पहले उनकी पूर्णकालिक नियुक्ति को सरकार की ओर से बड़ा संदेश माना जा रहा है।

लंबा प्रशासनिक अनुभव
अरुण देव गौतम छत्तीसगढ़ कैडर के तेज-तर्रार अफसरों में गिने जाते हैं।
वे बिलासपुर आईजी, सीआईडी चीफ, एडीजी नक्सल ऑपरेशन और डीजी होमगार्ड जैसे अहम पदों पर रह चुके हैं। नक्सल ऑपरेशन की बारीक समझ और फील्ड में काम के लिए उनकी पहचान है। पिछले कुछ समय से राज्य में पूर्णकालिक डीजीपी का पद खाली था। अरुण देव गौतम को स्थायी जिम्मेदारी देने से पुलिस महकमे में स्थायित्व का संदेश गया है। वे 19 मई को जगदलपुर में होने वाली मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में भी शामिल होंगे, जिसमें कई राज्यों के डीजीपी हिस्सा लेंगे।

सरकार के इस फैसले को नक्सल मोर्चे पर मिली सफलता और कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।