हमारे बारे में
छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है।
हमारे बारे में
छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है।

डोंगरगढ़/राजनांदगांव। जिले के डोंगरगढ़ अंतर्गत बोरतालाब क्षेत्र में खेत समतलीकरण के दौरान बने गहरे गड्ढे में भरे पानी में डूबने से तीन मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे गांव में सन्नाटा पसरा है और पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतकों में दो सगे भाई भी शामिल हैं।
खेलते-खेलते काल बना गड्ढा
जानकारी के अनुसार बोरतालाब क्षेत्र के एक खेत में कुछ दिन पहले समतलीकरण का काम हुआ था। पिछले दिनों हुई बारिश के कारण इस गड्ढे में काफी पानी भर गया था। बुधवार को गांव के तीन बच्चे खेलते-खेलते खेत की तरफ चले गए। बच्चों को अंदाजा नहीं था कि पानी से भरा यह गड्ढा उनके लिए जानलेवा साबित होगा। खेलते समय तीनों गहरे पानी में चले गए और एक-दूसरे को बचाने के प्रयास में सभी डूब गए।
रात में टॉर्च की रोशनी में चला रेस्क्यू
काफी देर तक बच्चों के घर नहीं लौटने परिजनों ने खोजबीन शुरू की। ग्रामीणों को खेत के पास बच्चों के कपड़े और चप्पलें मिलीं। इसके बाद पुलिस और प्रशासन को सूचना दी गई। रात का अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू में दिक्कतें आईं। ग्रामीणों और प्रशासन की टीम ने टॉर्च और मोबाइल की रोशनी में मशक्कत कर पानी से तीनों बच्चों के शव बाहर निकाले। शव देखकर मौके पर चीख-पुकार मच गई।
5 से 10 साल की उम्र, गांव में पसरा मातम
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मर्ग कायम किया और तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृत बच्चों की उम्र 5 से 10 साल के बीच बताई जा रही है। इस हृदयविदारक घटना के बाद बोरतालाब के गांधीनगर में मातम का माहौल है।
रेलवे पर लापरवाही का आरोप
इस मामले में जिला पंचायत सदस्य अनीता मांडवी ने रेलवे प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि 6 फीट से गहरे गड्ढे के लिए प्रशासन को पहले ही वैकल्पिक व्यवस्था और सुरक्षा इंतजाम करने चाहिए थे। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से खुले गड्ढों को भरने और सुरक्षा घेराव की मांग की है।