कवर्धा में नर चीतल के शिकार का भंडाफोड़, 7 शिकारी गिरफ्तार


मुखबिर की सूचना पर वन विकास निगम ने रंगे हाथ दबोचा, सभी भेजे गए जेल

रायपुर। छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण को लेकर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत कवर्धा परियोजना मंडल को बड़ी सफलता मिली है। वन विकास निगम की टीम ने बोड़ला परियोजना परिक्षेत्र में नर चीतल के अवैध शिकार के मामले में 7 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से सभी को जेल भेज दिया गया।

मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी
प्राप्त जानकारी के अनुसार बोड़ला परिक्षेत्र के भलपहरी बीट के जंगल में शिकारियों ने जाल बिछाकर लगभग 3 वर्ष के नर चीतल का शिकार किया था। शिकारी मांस पकाकर उसे आपस में बांटने की तैयारी कर रहे थे। मुखबिर से सूचना मिलने पर वन विकास निगम की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर दबिश दी और सभी 7 आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया।

मांस और शिकार की सामग्री जब्त
कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से करीब 500 ग्राम पका हुआ चीतल का मांस, नायलॉन रस्सी, 3 कुल्हाड़ियां, स्टील के तार, लकड़ी से बने फंदे और खून से सना थैला बरामद किया गया। आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की संबंधित धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई।

नियमित गश्त से मिल रही सफलता
वन विभाग और वन विकास निगम द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त और निगरानी अभियान चलाए जा रहे हैं। विभाग की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से वन्यजीव अपराधों पर नियंत्रण हो रहा है।

सरकार की सख्त नीति
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार वन, वन्यजीव और जैव विविधता के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। आधुनिक निगरानी और सूचना तंत्र से अवैध शिकार पर अंकुश लगाया जा रहा है। वन मंत्री ने आम नागरिकों से भी अपील की कि कहीं भी अवैध शिकार या वन अपराध की जानकारी मिले तो तुरंत वन विभाग को सूचना दें, ताकि प्रदेश की वन्यजीव संपदा का संरक्षण हो सके।