भिलाई निगम में सफाई भुगतान पर सवाल, पार्षद ने ईओडब्ल्यू जांच की मांग की


पूर्व ठेकेदार पर ईपीएफ के 4 करोड़ बकाया का आरोप, 52 लाख रिकवरी नोटिस के बाद भी 23 लाख भुगतान

भिलाई। नगर पालिक निगम भिलाई में सफाई कार्य से जुड़े भुगतान में अनियमितताओं का आरोप लगा है। वार्ड-38 के पार्षद पीयूष मिश्रा ने आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा में शिकायत दर्ज कर निगम प्रशासन, संबंधित अधिकारियों और पूर्व सफाई ठेकेदार की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

क्या है मामला
शिकायत के अनुसार सफाई ठेकेदार मैसर्स पी.वी. रमन एजेंसी पर कर्मचारियों के ईपीएफ और ईएसआई की देनदारियां लंबित थीं। निगम अभिलेखों के मुताबिक ईएसआई विभाग ने करीब 52 लाख रुपये की रिकवरी की कार्रवाई शुरू की थी। पार्षद का आरोप है कि इसके बावजूद निगम प्रशासन ने एजेंसी को लगभग 23 लाख रुपये का भुगतान कर दिया।

पार्षद ने बताया कि अब कर्मचारी भविष्य निधि संगठन की ओर से भी पूर्व सफाई ठेकेदार के विरुद्ध करीब 4 करोड़ रुपये की बकाया राशि का नोटिस नगर निगम भिलाई को मिला है।

सचिव ने दिए जांच के निर्देश
पीयूष मिश्रा ने बताया कि इस मामले की शिकायत नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव आर. संगीता से भी की गई है। सचिव ने मामले की जांच के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।

पार्षद के आरोप
शिकायत में आरोप है कि पहले भी संबंधित एजेंसी के भुगतान पर रोक लगाने संबंधी आपत्तियां दर्ज थीं, फिर भी फाइलों को तेजी से स्वीकृत कर भुगतान किया गया। पार्षद पीयूष मिश्रा ने कहा कि जब एजेंसी पर ईएसआई और ईपीएफ की बड़ी राशि बकाया थी, तब भुगतान करना गंभीर संदेह पैदा करता है।

ये की गई मांग
पार्षद ने मांग की है कि पूरे भुगतान प्रकरण की ईओडब्ल्यू से स्वतंत्र जांच कराई जाए। संबंधित अधिकारियों की भूमिका तय की जाए। एजेंसी के ईपीएफ, ईएसआई और अन्य वैधानिक बकायों की विस्तृत जांच हो। शासन को हुई वित्तीय क्षति की वसूली की जाए और दोषियों पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम व भारतीय न्याय संहिता की प्रासंगिक धाराओं में कार्रवाई हो।

पार्षद ने कहा कि यह मामला केवल 23 लाख के भुगतान का नहीं, बल्कि करोड़ों की देनदारियों और श्रमिक हितों से जुड़ा है।