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छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है।
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दुर्ग। प्रदेश में मानसून की अच्छी बारिश के बाद खेती-किसानी के काम ने रफ्तार पकड़ ली है। इसी बीच दुर्ग शहर विधायक और प्रदेश के शिक्षा, ग्रामोद्योग तथा विधि-विधायी मंत्री गजेन्द्र यादव शुक्रवार को अपने गृहग्राम अहिवारा के पास माटरा गांव के खेत पहुंचे और किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम किया।
मंत्री बनने के बाद भी मंत्री यादव को अपनी माटी और संस्कृति से गहरा जुड़ाव नजर आया।
खुद चलाया ट्रैक्टर, शुरू कराई रोपाई
मंत्री श्री यादव ने स्वयं ट्रैक्टर चलाकर लगभग 2 एकड़ खेत की मताई की और उसे रोपाई के लिए तैयार किया। खेत का निरीक्षण कर उन्होंने खाद की उपलब्धता और तैयारियों की जानकारी ली। किसानों को समय पर निंदाई-गुड़ाई करने की सलाह भी दी। इसके बाद विधिवत रूप से खेत में धान रोपाई का काम शुरू कराया गया।

“मूल से जुड़ाव जरूरी”
खेत में किसानों से चर्चा करते हुए केबिनेट मंत्री ने कहा कि व्यक्ति चाहे किसी भी ऊंचाई पर पहुंच जाए, उसे अपनी माटी, संस्कृति और मूल कार्य को नहीं भूलना चाहिए।
उन्होंने कहा, “मैं किसान परिवार से हूं। खेती-किसानी हमारे जीवन का आधार है। समय मिलने पर आज भी खेत में जाकर काम करता हूं।”
मंत्री बनने के बाद भी गजेन्द्र यादव अपनी खेती की देखरेख स्वयं करते हैं और हर साल खेती के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाते हैं। उनका मानना है कि किसानों की मेहनत और कृषि के महत्व को समझने के लिए खेत से जुड़ाव बनाए रखना जरूरी है।
किसान परिवार से होने के कारण वे किसानों की समस्याओं और जरूरतों को बेहतर तरीके से समझते हैं। खेत में उनकी सहभागिता छत्तीसगढ़ की माटी, संस्कृति और कृषि परंपरा के प्रति उनके आत्मीय लगाव को दर्शाती है।
मंत्री की इस पहल से क्षेत्र के किसानों में उत्साह का माहौल है।