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छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है।
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भिलाई। पेवर ब्लॉक मामले में बयानबाजी कर रहे बीजेपी पार्षदों और नेताओं पर भिलाई महापौर नीरज पाल ने आक्रामक पलटवार किया है। महापौर ने कहा कि मैं उन लोगों को जवाब देना भी नहीं चाहता, सिर्फ सच्चाई जनता के सामने रख रहा हूं।
महापौर नीरज पाल का विस्तृत बयान –
पेवर ब्लॉक के जिन 32 प्रकरणों की बात की जा रही है, वो सभी कार्य 1 करोड़ रुपए से नीचे के हैं। नियम सब जानते हैं – 1 करोड़ से ऊपर के प्रस्ताव महापौर परिषद (MIC) में लाए जाते हैं। 1 करोड़ से नीचे के कार्यों का प्रस्ताव बनाना, प्रशासनिक स्वीकृति देना, वित्तीय स्वीकृति देना और बिल पास करना – ये पूरा अधिकार आयुक्त का होता है।
तो साफ है कि तात्कालिक आयुक्त ने ही अभियंता, उप अभियंता और सहायक अभियंता से परियोजना शाखा के माध्यम से प्रस्ताव बनवाया, स्थल चयन किया, स्थल प्रतिवेदन बनाया, काम कराया और भुगतान देकर बिल भी पास किया। इसमें महापौर परिषद का कोई लेना-देना ही नहीं है।
जब सामान्य सभा में पार्षद संतोष मौर्य ने कई बार यह मुद्दा उठाया, तब यही बीजेपी पार्षद उनका साथ नहीं दे रहे थे। एक जनप्रतिनिधि दावे के साथ प्रमाण सहित गड़बड़ी का मुद्दा उठा रहा था, तब मैंने ही सदन के माध्यम से कलेक्टर से जांच की मांग की थी।
कांग्रेस के सभी पार्षदों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों की निष्पक्ष जांच की मांग की। MIC सदस्यों ने प्रेस वार्ता लेकर भी साफ कहा था – गड़बड़ी हुई है तो अधिकारी हो या ठेका एजेंसी, सब पर कार्रवाई हो। हमारी मांग पर ही कलेक्टर ने जांच की और कार्रवाई का आदेश दिया।
अब सवाल ये है कि जिन बीजेपी नेताओं को कलेक्टर की कार्रवाई पर भरोसा नहीं है, तो प्रदेश में उनकी ही सरकार है। जाएं नगरीय निकाय मंत्री से मिलें, CM से मिलें, EOW से जांच करा लें, CBI से जांच करा लें, जिस एजेंसी से चाहें जांच करा लें। हम तो पहले दिन से जांच की मांग कर रहे हैं।
जब ये भिलाई में CBI बुलाने की बात करते हैं तो इसकी भी जांच करा लें। लेकिन ये जांच कराएंगे नहीं। क्योंकि ये सिर्फ अधिकारियों पर दबाव बनाने के लिए बयानबाजी कर रहे हैं। सच्चाई ये है कि काम करने वाली एजेंसी और ठेकेदार इनके ही चहेते हैं। ये खुद नहीं चाहते कि निष्पक्ष जांच हो और कार्रवाई हो।
नगर निगम चुनाव आ रहा है। इनके पास कोई मुद्दा नहीं है, जनता के बीच ले जाने लायक एक भी काम नहीं किया है। इसलिए बेवजह मुद्दा बनाकर चेहरा चमकाने की कोशिश कर रहे हैं। चुनाव तक यही नौटंकी करेंगे। जनता सब समझती है।