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राष्ट्र की एकता, सांस्कृतिक स्वाभिमान और आत्मनिर्भर भारत के प्रणेता डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती पर भाजपा ने किया भावपूर्ण स्मरण
बेमेतरा। “राष्ट्र केवल भौगोलिक सीमाओं का नाम नहीं, बल्कि उसकी संस्कृति, परंपरा, आत्मसम्मान और राष्ट्रीय चेतना ही उसकी वास्तविक पहचान है।” इसी राष्ट्रवादी विचार को अपने जीवन का ध्येय बनाने वाले भारतीय जनसंघ के संस्थापक, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक, शिक्षाविद् एवं स्वतंत्र भारत की राजनीति को वैचारिक दिशा देने वाले डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जयंती के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी जिला बेमेतरा द्वारा जिला कार्यालय में श्रद्धा एवं सम्मान के साथ कार्यक्रम आयोजित किया गया।
डॉ. मुखर्जी का मानना था कि राष्ट्र निर्माण केवल सरकारों का दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है। वे शिक्षा को राष्ट्र की आत्मा, संस्कृति को उसकी शक्ति और युवाओं को भारत के भविष्य का आधार मानते थे। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन में कभी भी सत्ता को लक्ष्य नहीं बनाया, बल्कि राष्ट्रीय एकता, लोकतांत्रिक मूल्यों और भारत की सांस्कृतिक अस्मिता की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। वे कहा करते थे कि “देश की एकता और अखंडता किसी भी राजनीतिक समझौते से बड़ी है।” उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्रहित के लिए संघर्ष, त्याग और समर्पण का अद्भुत उदाहरण रहा।
भारतीय जनता पार्टी द्वारा पूरे देश में 23 जून (बलिदान दिवस) से 6 जुलाई (जन्म जयंती) तक “संस्मरण पक्ष” मनाया जा रहा है। इसी क्रम में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों, पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व का स्मरण करते हुए राष्ट्रहित में कार्य करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर भाजपा प्रदेश मंत्री एवं जिला प्रभारी श्रीमती हर्षिता पांडेय ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भारत की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया। उन्होंने राष्ट्रहित के प्रश्नों पर कभी समझौता नहीं किया और अपने सिद्धांतों के लिए अंतिम क्षण तक संघर्षरत रहे। आज विकसित भारत, आत्मनिर्भर भारत और सशक्त भारत की परिकल्पना को साकार करने में उनके विचार मार्गदर्शक की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी प्रत्येक कार्यकर्ता को डॉ. मुखर्जी के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने का दायित्व निभाना चाहिए।
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि राष्ट्रवादी विचारधारा के ऐसे महान व्यक्तित्व थे जिन्होंने भारतीय राजनीति को वैचारिक आधार प्रदान किया। उन्होंने शिक्षा, संस्कृति और राष्ट्रीय स्वाभिमान को सदैव सर्वोच्च स्थान दिया। उनके विचार आज भी युवाओं को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करते हैं।
भाजपा जिला अध्यक्ष श्री अजय साहू ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन त्याग, संघर्ष और राष्ट्रभक्ति की अद्भुत गाथा है। उन्होंने “एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान नहीं चलेंगे” का उद्घोष कर देश की एकता के लिए ऐतिहासिक संघर्ष किया। उनका बलिदान भारत की एकात्मता के इतिहास में सदैव अमर रहेगा। उन्होंने कहा कि आज प्रत्येक भाजपा कार्यकर्ता का दायित्व है कि वह डॉ. मुखर्जी के राष्ट्रवादी विचारों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाए तथा विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाए।
कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने, शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने तथा राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखने का जो संदेश दिया था, वह आज भी उतना ही प्रासंगिक है। उनके विचारों और आदर्शों से प्रेरणा लेकर भारतीय जनता पार्टी राष्ट्र सेवा के अपने संकल्प को निरंतर आगे बढ़ा रही है।
इस अवसर पर बेमेतरा विधायक दीपेश साहू सरगुजा संभाग प्रभारी अवधेश चंदेल संध्या परघनिया राजेंद्र शर्मा, ओमप्रकाश जोशी, जिला महामंत्री राजेश ठाकुर महेश साहू अंजय अंजु बघेल विजय वर्मा डोसन साहू संदीप यादव विनय साहू रेवा राम निषाद सावित्री रजक नीमा गुप्ता सहित भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, महिला मोर्चा, युवा मोर्चा, विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उनके बताए मार्ग पर चलने तथा राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए समाज सेवा एवं संगठन सशक्तिकरण का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का समापन “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम्” तथा “डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अमर रहें” के उद्घोष के साथ हुआ।