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छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है।
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मनेंद्रगढ़। महिला बाल विकास विभाग में साड़ियों की गुणवत्ता पर विवाद के बाद अब मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में बांटे गए मंगलसूत्रों पर सवाल खड़े हो गए हैं। मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (MCB) जिले के खड़गवां क्षेत्र की महिलाओं ने आरोप लगाया है कि उन्हें चांदी के नाम पर ‘गिलेट’ धातु के नकली मंगलसूत्र दिए गए।
10 फरवरी को हुई थी 184 जोड़ों की शादी
मामला 10 फरवरी 2026 का है, जब खड़गवां के महामाया मंदिर परिसर में शासन के सहयोग से 184 जोड़ों का सामूहिक विवाह कराया गया था। विवाह के कुछ दिन बाद उपहार में मिले मंगलसूत्रों का रंग काला पड़ने लगा।

सोनार की जांच में खुलासा
ग्राम लालपुर की हितग्राही साधना सहित पांच महिलाओं ने मंगलसूत्र की शुद्धता जांचने के लिए स्थानीय सराफा व्यापारी से संपर्क किया। सोनार की जांच में धातु चांदी न होकर ‘गिलेट’ प्रमाणित हुई।
कार्रवाई की मांग
खुलासे के बाद आक्रोशित नवविवाहिताओं ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पीड़ित महिलाओं ने नकली सामग्री सप्लाई करने वाले ठेकेदारों और लापरवाह अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। साथ ही सभी 184 पीड़ित महिलाओं को 15-15 हजार रुपये क्षतिपूर्ति देने की मांग उठाई है।
फिलहाल विभागीय अधिकारियों का आधिकारिक बयान आना बाकी है। मामले के सामने आने के बाद विभाग में हड़कंप की स्थिति है।
