बाल शिक्षा पर परिचर्चा..पूर्व प्राथमिक शिक्षा का नियोजन गंभीरता से हो- डा शर्मा


भिलाईl साक्षरता मित्र मंच द्वारा अगासदिया परिसर हुडको में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया । इस संगोष्ठी में बच्चों के मानसिक, शैक्षिक व शारीरिक विकास पर चर्चा की गई । साहित्यकार परदेशी राम वर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ी में पाठ्यपुस्तकों के निर्माण के लिए छत्तीसगढ़ी के मान्य साहित्यकारों का सहयोग एससीईआरटी को लेना चाहिए।पूर्व शिक्षक-प्रशिक्षक सुनील मिश्रा ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत प्रदेश में प्रिपरेटरी व नर्सरी शिक्षा के शिक्षकों के लिए बेहतर प्रशिक्षण सामग्री तैयार करने व तथा शीघ्र प्रशिक्षण दिए जाने पर बल दियाl

शिक्षविद डा डी एन शर्मा ने इस केडर के लिए नए अहर्ताधारी महिला शिक्षकों नियुक्त कर उन्हें सम्यक रूप से प्रशिक्षित करने का मत दिया l उन्होंने कहा कि उच्च कक्षाओं को पूर्व से पढ़ाने वाले शिक्षकों से 3 से 5 वर्ष के बच्चों के मनोविज्ञान के परिप्रेक्ष्य में शिक्षण करवाना उचित नहीं है।

पूर्व विकास खंड शिक्षा अधिकारी महेन्द्र कुमार शुक्ला ने कहा कि मोबाइल की लत से बच्चों में व्यवहारगत दुष्प्रभाव दिख रहा है और उनकी शैक्षिक लब्धि कम हुई है l प्रीति अजय बेहरा ने शहरी क्षेत्रों में कई बच्चों का नशे की गिरफ्त में आने पर चिंता व्यक्त करते हुए इस दिशा में शीघ्र हस्तक्षेप करने पर बल दिया। शिक्षिका रत्ना साहू ने इस विषय पर पालकों में जागरूकता लाए जाने पर बल दिया l सामाजिक कार्यकर्ता शरद शर्मा ने स्कूली शिक्षा को संस्कार से जोड़े जाने की राय दी l सामाजिक कार्यकर्ता वीरेंद्र चंद्रवंशी ने बाल श्रम के कारण कुछ बच्चों के स्कूल छोड़ने पर चिंता व्यक्त की l साहित्यकार ऋषि गजपाल व कमलेश्वर साहू, पूर्व प्राचार्य ए एन द्विवेदी , प्रेमलता मढ़रिया व श्रीमती साजिदा कुरैशी ने इस चर्चा में अपने विचार रखे।

इस अवसर पर दुर्ग ज़िले में संचालित साक्षरता अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका देने के लिए सुनील मिश्रा को ‘स्व प्रो गोवर्धन प्रसाद शर्मा सम्मान‘, साजिदा कुरेशी को ‘स्व सुहेल अहमद सम्मान‘, तुरेंद्र देशमुख को ‘ स्व नीलकंठ साहू सम्मान‘ तथा ऋषि गजपाल को ‘स्व प्रभा सरस सम्मान‘ प्रदान किया गया ।