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दुर्ग जिले के रसमड़ा क्षेत्र अंतर्गत शासकीय हाई स्कूल, गनियारी में त्रैमासिक परीक्षा के दौरान कक्षा की छत का प्लास्टर गिरने से तीन विद्यार्थियों के घायल होने और त्रैमासिक परीक्षा के बाद भी पूरी पाठ्यपुस्तकें न मिलने के मामले में वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक अरुण वोरा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
घटना के संबंध में शासकीय हाई स्कूल, गनियारी में जब यह हादसा हुआ, उस समय परीक्षा के दौरान कक्षा में करीब 50 विद्यार्थी मौजूद थे और पर्चा लिख रहे थे। अचानक छत का प्लास्टर गिरने से तीन विद्यार्थी घायल हो गए, जिनमें छात्रा द्रौपदी ठाकुर के सिर में गंभीर चोट आई है। यह घटना स्कूल भवनों की सुरक्षा और रखरखाव की बदहाल स्थिति को उजागर करती है।

उन्होंने कहा कि समस्या केवल जीर्ण-शीर्ण भवनों तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश भर के सरकारी स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों की भी भारी किल्लत है। उदाहरण देते हुए उन्होंने बताया कि बिलासपुर जिले में शैक्षणिक सत्र शुरू होने के महीने बीत जाने और त्रैमासिक परीक्षा के दौरान भी लगभग 92,000 से अधिक किताबों की कमी बनी हुई है, जिससे बच्चे पुरानी किताबों या बुक बैंक के सहारे परीक्षा देने को मजबूर हैं। इसी तरह राजधानी रायपुर सहित अन्य जिलों के सरकारी स्कूलों में भी सत्र बीतने के बावजूद विद्यार्थियों तक सभी विषयों की किताबें नहीं पहुँच सकी हैं,
अरुण वोरा ने सरकार से मांग की है कि पाठ्यपुस्तक वितरण की स्कूलवार स्थिति तत्काल सार्वजनिक की जाए, जिन स्कूलों में किताबों की कमी है वहां तुरंत किताबें भेजी जाएं, तथा जर्जर स्कूल भवनों की जांच कराकर आवश्यक मरम्मत का कार्य कराया जाए। उन्होंने कहा कि सरकार बड़े-बड़े दावे करने के बजाय यह सुनिश्चित करे कि प्रदेश के प्रत्येक सरकारी स्कूल में बच्चों को समय पर पूरी किताबें, सुरक्षित भवन, पर्याप्त कक्ष और मूलभूत सुविधाएं मिल सकें,