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नई दिल्ली। NEET-UG 2026 की परीक्षा में अनियमितता को लेकर घिरे केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के बाद उन्होंने सोशल मीडिया पर पत्र जारी कर पूरे घटनाक्रम पर अपनी बात रखी।
अपने पत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने लिखा, “मैं पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं। मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है।”
उन्होंने कहा कि वह देश के युवाओं की आकांक्षाओं और न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करते हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राष्ट्र सेवा का अवसर मिलने के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार भी व्यक्त किया।
पेपर लीक के बाद उठाए गए कदम
मंत्री ने पत्र में 3 मई 2026 को हुई NEET-UG परीक्षा में सामने आई अनियमितता का जिक्र करते हुए कहा कि भारत सरकार ने इसे तुरंत संज्ञान में लेकर जांच सीबीआई को सौंपी। इसके बाद परीक्षा रद्द कर पुनः परीक्षा की तिथि घोषित की गई। साथ ही अगले वर्ष से परीक्षा को CBT यानी Computer-Based Test मोड में कराने का निर्णय लिया गया।
उन्होंने बताया कि 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा सुचारू रूप से कराना सरकार की प्राथमिकता थी। “Whole of Government Approach” के तहत केंद्र, राज्य सरकार और जिला प्रशासन के सहयोग से 21 जून 2026 को परीक्षा सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “पहले दिन से मैंने इसकी जिम्मेदारी ली और इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा। मेरा संकल्प था कि परीक्षा माफिया के कारण किसी मेधावी छात्र की संभावना खराब नहीं होने देंगे।”
परिणाम संतोषजनक, लेकिन बाधाएं भी आईं
16 जुलाई को घोषित NEET-UG के परिणामों को उन्होंने संतोषजनक बताया। उन्होंने कहा कि गरीब पृष्ठभूमि से आए कई मेधावी छात्रों को भी सफलता मिली।
हालांकि उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान भी जिम्मेदार पदों पर बैठे कुछ लोगों ने छात्रों को गुमराह करने और बाधा डालने की कोशिश की, “जिससे मन अत्यंत व्यथित हुआ।”
