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छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है।
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भिलाई। विश्व जनसंपर्क दिवस के उपलक्ष्य में सेल-भिलाई इस्पात संयंत्र के जनसंपर्क विभाग द्वारा शुक्रवार को भिलाई निवास के बहुउद्देशीय सभागार में राष्ट्रीय स्तर का पीआर कॉन्क्लेव ‘कनेक्टकॉन–2026’ आयोजित किया गया। कॉन्क्लेव का उद्देश्य जनसंपर्क के क्षेत्र में उभरती तकनीकों, नवीन प्रवृत्तियों और बदलते संचार परिदृश्य पर चर्चा करना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भिलाई इस्पात संयंत्र के निदेशक प्रभारी चित्तरंजन महापात्र रहे। उन्होंने कार्यपालक निदेशकों के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर कॉन्क्लेव का शुभारंभ किया। इस अवसर पर जनसंपर्क विभाग द्वारा प्रकाशित संयंत्र की कॉफी टेबल बुक “आई एम भिलाई” का भी विमोचन किया गया।

राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ हुए शामिल
कॉन्क्लेव में सेल की राउरकेला इस्पात संयंत्र, कॉर्पोरेट कार्यालय नई दिल्ली, वीआईएसएल, सेल रिफ्रैक्टरी यूनिट, चंद्रपुर फेरो अलॉय प्लांट के जनसंपर्क प्रतिनिधियों के साथ आकाशवाणी, पीआईबी, दूरदर्शन, एनएसपीसीएल, एसबीआई, माई भारत सहित विभिन्न संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल हुए। संयंत्र के विभिन्न विभागों के आंतरिक संसाधन व्यक्तियों ने भी भाग लिया।
कार्यक्रम में कार्यपालक निदेशक ए. के. चक्रवर्ती, प्रवीण निगम, पवन कुमार, पी. के. सरकार, कमल भास्कर, अरुण कुमार तथा मुख्य महाप्रबंधक तुषार कांत सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
जनसंपर्क आज रणनीतिक उपकरण : निदेशक प्रभारी
निदेशक प्रभारी चित्तरंजन महापात्र ने कहा कि आज जनसंपर्क केवल सूचना प्रसारित करने का माध्यम नहीं, बल्कि विश्वास निर्माण और हितधारकों से संवाद का रणनीतिक उपकरण है। उन्होंने कहा कि सेल की उत्पादन क्षमता 20 मिलियन टन से बढ़ाकर 30 मिलियन टन और भिलाई संयंत्र की क्षमता 6.8 मिलियन टन से बढ़ाकर 10.2 मिलियन टन करने की योजना राष्ट्र निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इन उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने में जनसंपर्क पेशेवरों की भूमिका अहम है।

महाप्रबंधक प्रभारी अमूल्य प्रियदर्शी ने स्वागत उद्बोधन में कॉन्क्लेव की रूपरेखा प्रस्तुत की।
पेचा-कुचा और पैनल चर्चा
कॉन्क्लेव का पहला सत्र ‘पेचा-कुचा’ प्रारूप पर आधारित रहा। इसमें 20 स्लाइडों के माध्यम से 20-20 सेकंड की प्रस्तुतियां दी गईं। सत्र में पीआईबी रायपुर के कुणाल व्यास, आकाशवाणी रायपुर के शौकत इमाम खान, एनएसपीसीएल की भावना नायक, एसबीआई के अधिकारी और संयंत्र की उप प्रबंधक शालिनी चौरसिया सहित कई वक्ताओं ने जनसंपर्क की आधुनिक कार्यप्रणालियों पर विचार रखे।
इसके बाद “ट्रुथ, ट्रस्ट एंड टेक्नोलॉजी: टेकिंग पीआर टू द नेक्सट लेवल” विषय पर पैनल चर्चा हुई। इसका संचालन अमूल्य प्रियदर्शी ने किया और नेतृत्व एस. पी. एस. जग्गी तथा आईआईएम रायपुर के डॉ. मृणाल चावड़ा ने किया।
कार्यक्रम के दौरान जनसंपर्क विभाग की लघु फिल्में दिखाई गईं। ‘माइंड मेज़’ गतिविधि और मीडिया, ब्रांड व जनसंपर्क पर आधारित प्रश्नोत्तरी भी आयोजित की गई।

समापन में एचआर ईडी रहे मुख्य अतिथि
समापन समारोह के मुख्य अतिथि कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) पवन कुमार ने विजेताओं को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में सूचनाओं का प्रवाह तेज है। ऐसे में संगठनों को विश्वसनीय माध्यमों से समय पर, सटीक और प्रामाणिक जानकारी साझा करना जरूरी है, ताकि हितधारकों के साथ पारदर्शी संवाद बना रहे।
कार्यक्रम का संचालन उप महाप्रबंधक अर्पणा चंद्रा ने किया। धन्यवाद ज्ञापन शालिनी चौरसिया ने प्रस्तुत किया। आयोजन को सफल बनाने में जवाहर बाजपेयी सहित जनसंपर्क विभाग की टीम का विशेष योगदान रहा।