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छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है।
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बेमेतरा। बारिश की पहली ही झड़ी ने नगर पालिका की तैयारियों की पोल खोल दी। वार्ड क्रमांक 11 में गंभीर जलभराव की स्थिति बनने के बाद नगर पालिका के सभापति एवं भाजपा पार्षद विकास तम्बोली को स्वयं फावड़ा लेकर नाली की सफाई करनी पड़ी।
प्रदेश और नगर दोनों जगह भाजपा की सरकार होने के बावजूद नगर पालिका की लचर कार्यप्रणाली सामने आई। रविवार को लगातार बारिश के कारण पंजाबी पारा, गंजपारा, दुर्ग रोड, गस्ती चौक, आरामिल गली, रायपुर रोड और मंडी क्षेत्र की गलियों में पानी भर गया। लोगों के घरों तक पानी पहुंचने की नौबत आ गई।

हालात बिगड़ते देख सभापति विकास तम्बोली करीब पांच घंटे तक बारिश में भीगते हुए बड़ी नाली का मलबा निकालते रहे और पानी निकासी के लिए सफाई कराई।
समय पर नहीं हुई सफाई
सूत्रों के अनुसार हर वर्ष बारिश से पहले बड़े नालों की सफाई कराई जाती है, लेकिन इस बार अधिकांश वार्डों में यह काम समय पर नहीं हो सका। सफाई का ठेका दिए जाने के बावजूद भुगतान नहीं होने से कार्य बीच में ही बंद हो गया, जिसके कारण कई वार्डों में नालियां अधूरी साफ रह गईं। नतीजतन पहली ही बारिश में जलभराव हो गया।
सभापति विकास तम्बोली ने भी माना कि समय रहते नालियों की सफाई नहीं होने के कारण यह स्थिति बनी।

सवालों के घेरे में नगर पालिका
इस घटना ने नगर पालिका की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब नगर पालिका के पास सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी और संसाधन मौजूद हैं, तब जनप्रतिनिधि को खुद नाली में उतरकर सफाई क्यों करनी पड़ी? पहली बारिश में ही जलभराव और सभापति द्वारा सफाई करने की नौबत ने पालिका की तैयारियों पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
