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छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है।
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सहसपुर लोहारा, कबीरधाम। ग्राम बीरनपुर कला में गुरुवार सुबह फसल बचाने के लिए लगाए गए अवैध विद्युत झटका तार ने पिता-पुत्र की जान ले ली। खेत में भरे पानी में करंट फैलने से किसान गोकरण पटेल (55) और उनके पुत्र परमेश पटेल (22) की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है।
खेत में काम के दौरान हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक दोनों सुबह धान की बुआई के लिए खेत पहुंचे थे। जंगली जानवरों से फसल बचाने खेत की मेड़ पर विद्युत फेंसिंग लगाई गई थी। लगातार बारिश से खेत में पानी भरा था। काम के दौरान परमेश अचानक करंट की चपेट में आ गया। बेटे को तड़पता देख गोकरण उसे बचाने दौड़े, लेकिन वे भी करंट से चिपक गए। आसपास के लोग कुछ कर पाते, उससे पहले दोनों की मौत हो चुकी थी।
भोजन लेकर पहुंची पत्नी ने देखे शव
काफी देर तक घर न लौटने पर गोकरण की पत्नी भोजन लेकर खेत पहुंची। वहां पति और बेटे को अचेत पड़ा देख उनकी चीख निकल गई। शोर सुनकर पहुंचे किसानों ने बिजली प्रवाह बंद कराया, लेकिन तब तक दोनों की सांसें थम चुकी थीं।
पुलिस कर रही कनेक्शन की जांच
सूचना पर सहसपुर लोहारा पुलिस मौके पर पहुंची। पंचनामा के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए। पुलिस जांच कर रही है कि झटका तार में बिजली का कनेक्शन कैसे लिया गया और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।
हादसों के बावजूद कार्रवाई नहीं
ग्रामीणों का कहना है कि जंगली जानवरों से फसल बचाने के नाम पर अवैध झटका तार लगाने का चलन बढ़ रहा है। पिछले कुछ सालों में ऐसे हादसों में ग्रामीणों, मवेशियों और वन्यजीवों की जान जा चुकी है। इसके बाद भी प्रशासन और बिजली विभाग ने न व्यापक अभियान चलाया और न प्रभावी कार्रवाई की।
ग्रामीणों ने की सख्त कार्रवाई की मांग
घटना के बाद ग्रामीणों ने अवैध विद्युत फेंसिंग के खिलाफ विशेष अभियान चलाने, दोषियों पर कठोर कार्रवाई और किसानों को सुरक्षित विकल्प देने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि समय पर कार्रवाई होती तो दो जिंदगियां बच सकती थीं। यह हादसा एक बार फिर प्रशासनिक निगरानी और बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।