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छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है।
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भिलाई। शिक्षा, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण के समन्वय को केंद्र में रखते हुए श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी के तत्वावधान में दो दिवसीय “छत्तीसगढ़ ज्ञान सभा – विकसित भारत स्वर्णिम युग की ओर 2047” का आयोजन 28 फरवरी एवं 01 मार्च 2026 को किया जाएगा। यह आयोजन छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग एवं शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास, नई दिल्ली के संयुक्त सहयोग से होगा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरकार्यवाह सुरेश भैय्याजी जोशी होंगे। ज्ञान सभा का आयोजन श्री शंकराचार्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, जुनवानी, भिलाई में किया जाएगा। प्रथम दिवस कार्यक्रम प्रातः 10.30 से सायं 4.30 बजे तक तथा द्वितीय दिवस प्रातः 10.30 से दोपहर 1.00 बजे तक संपन्न होगा।
शिक्षा से विकसित भारत की राह
इस ज्ञान सभा का मुख्य उद्देश्य विकसित भारत 2047 के परिप्रेक्ष्य में विद्यालयीन, उच्च एवं व्यावसायिक शिक्षा की भूमिका पर गंभीर विमर्श करना है। कार्यक्रम में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020, कौशल आधारित शिक्षा, खेल-खेल में शिक्षण, मातृभाषा में शिक्षा, मानवीय मूल्यों एवं भारतीय संस्कृति पर आधारित शिक्षण मॉडल जैसे विषयों पर विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे।
प्रमुख संरक्षक व शिक्षाविद होंगे शामिल
कार्यक्रम के मुख्य संरक्षक के रूप में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय सचिव डॉ. अतुल कोठारी, विश्वविद्यालय के कुलाधिपति आई.पी. मिश्रा एवं आयोग के अध्यक्ष डॉ. वी.के. गोयल मार्गदर्शन देंगे।
वहीं संरक्षकों में प्रो. राजीव प्रकाश, डॉ. आलोक कुमार चकवाल तथा शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास के राष्ट्रीय संयोजक ओमप्रकाश शर्मा शामिल रहेंगे।

शोध, नवाचार और उद्यमिता पर जोर
ज्ञान सभा में उच्च शिक्षा में अनुसंधान, नवाचार एवं उद्यमिता, वैश्विक प्रतिस्पर्धा हेतु छात्र तैयारी, भारतीय ज्ञान परंपरा आधारित शिक्षा प्रणाली के संवर्धन तथा भारतीय इतिहास के समग्र दृष्टिकोण जैसे विषयों पर विशेष सत्र होंगे। साथ ही विद्यालयीन शिक्षा में तकनीक, डिजिटल कक्षा, सतत मूल्यांकन और शिक्षक की बदलती भूमिका पर भी विचार मंथन किया जाएगा।
शोध पत्र व प्रदर्शनी का अवसर
कार्यक्रम के अंतर्गत शोधार्थियों व शिक्षाविदों से विद्यालयीन एवं उच्च शिक्षा से जुड़े विषयों पर शोध पत्र आमंत्रित किए गए हैं। केवल 200 से 300 शब्दों के Abstract प्रकाशित किए जाएंगे। शोध पत्र भेजने की अंतिम तिथि 15 फरवरी 2026 निर्धारित है।
इसके अलावा 28 फरवरी व 01 मार्च को राष्ट्रीय शिक्षा नीति एवं उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्यों पर आधारित प्रदर्शनी भी आयोजित की जाएगी।
आयोजकों की अपील
आयोजकों ने शिक्षकों, विद्यार्थियों, शिक्षाविदों एवं समाज के प्रबुद्ध नागरिकों से इस ज्ञान सभा में सहभागिता कर शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र निर्माण की इस वैचारिक यात्रा का हिस्सा बनने की अपील की है।
कार्यक्रम को पर्यावरण अनुकूल रखते हुए प्लास्टिक उपयोग न करने का भी आग्रह किया गया है।
