लैब असिस्टेंट परीक्षा में सेन समाज से जुड़ी लोकोक्ति पर आपत्ति, अपर कलेक्टर को सौंपा मुख्यमंत्री-राज्यपाल के नाम ज्ञापन


(यतेन्द्र जीत सिंह छोटू ब्यूरो चीफ जिला खैरागढ़)
खैरागढ़।
छत्तीसगढ़ व्यापम लैब असिस्टेंट परीक्षा में सेन समाज से जुड़ी लोकोक्ति पर आपत्ति, अपर कलेक्टर को सौंपा मुख्यमंत्री-राज्यपाल के नाम ज्ञापन
खैरागढ़ : छत्तीसगढ़ व्यापम द्वारा 20 सितंबर 2026 को आयोजित लैब असिस्टेंट भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र में सेन समाज से संबंधित मानी जा रही लोकोक्ति को विकल्प के रूप में शामिल किए जाने को लेकर सर्व सेन समाज ने आपत्ति जताई है।। मामले को लेकर समाज के प्रतिनिधियों ने अपर कलेक्टर सुरेंद्र ठाकुर को मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की।। समाज की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि परीक्षा के प्रश्नपत्र में लोकोक्ति चयन से संबंधित एक प्रश्न के विकल्प में आपत्तिजनक जैसी लोकोक्ति को शामिल किया गया।। समाज का कहना है, कि उक्त लोकोक्ति को सेन समाज के पारंपरिक व्यवसाय एवं सामाजिक पहचान से जोड़कर देखा जाता है।।ऐसे में प्रतियोगी परीक्षा के प्रश्नपत्र में इसके विकल्प के रूप में इस्तेमाल किए जाने से समाज के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।। ज्ञापन में कहा गया कि व्यापम जैसे महत्वपूर्ण परीक्षा संस्थान में प्रश्नपत्र तैयार करने और अंतिम रूप से अनुमोदित करने की प्रक्रिया के बावजूद इस प्रकार की भाषा को शामिल किया जाना गंभीर विषय है।। समाज ने मांग की कि प्रश्नपत्र तैयार करने और अनुमोदन की प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों एवं विशेषज्ञों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए।।

व्यापम से आधिकारिक स्पष्टीकरण की मांग
सर्व सेन समाज ने संबंधित प्रश्न एवं विकल्प को लेकर व्यापम की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करने की मांग की है। साथ ही यदि जांच में उक्त प्रश्न या विकल्प नियमों के विपरीत पाया जाता है तो अभ्यर्थियों के हित में उचित सुधारात्मक निर्णय लेने की मांग की गई है। ज्ञापन में भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र तैयार करते समय किसी जाति, समाज या समुदाय की भावनाओं को प्रभावित करने वाली भाषा अथवा उदाहरणों के चयन से बचने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग भी की गई। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि सेन समाज की पहचान केवल पारंपरिक व्यवसाय तक सीमित नहीं है। समाज के लोग शिक्षा, प्रशासन, चिकित्सा, व्यापार, राजनीति, कला और खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में योगदान दे रहे हैं।। इसलिए शासकीय प्रतियोगी परीक्षाओं में ऐसे उदाहरणों के चयन में सामाजिक संवेदनशीलता का ध्यान रखा जाना चाहिए।। सर्व सेन समाज ने कहा कि ज्ञापन सौंपने का उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था को अपमानित करना नहीं, बल्कि समाज की गरिमा और भावनाओं से जुड़े विषय पर शासन का ध्यान आकर्षित करना है।। प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल से मामले का संज्ञान लेकर जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करने की मांग की।।

ज्ञापन सौंपे जाने के दौरान समाज के पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि जिलाध्यक्ष नरेंद्र सेन, सचिव गौतम सेन,
सहसचिव दीपेंद्र सेन,
ब्लॉक अध्यक्ष प्रेम किशन श्रीवास,नरेंद्र श्रीवास,मीडिया प्रभरि मनोहर सेन, रवि सेन, कामता प्रसाद सेन, अमोद सेन,बिसरू सेन, कोमल सेन, कमलेश श्रीवास, युवराज सेन, कीर्तन सेन सहित बड़ी संख्या में सेन समाज के लोग उपस्थित रहे।। द्वारा 20 सितंबर 2026 को आयोजित लैब असिस्टेंट भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र में सेन समाज से संबंधित मानी जा रही लोकोक्ति को विकल्प के रूप में शामिल किए जाने को लेकर सर्व सेन समाज ने आपत्ति जताई है।। मामले को लेकर समाज के प्रतिनिधियों ने अपर कलेक्टर सुरेंद्र ठाकुर को मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की।। समाज की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया है कि परीक्षा के प्रश्नपत्र में लोकोक्ति चयन से संबंधित एक प्रश्न के विकल्प में आपत्तिजनक जैसी लोकोक्ति को शामिल किया गया।। समाज का कहना है कि उक्त लोकोक्ति को सेन समाज के पारंपरिक व्यवसाय एवं सामाजिक पहचान से जोड़कर देखा जाता है।। ऐसे में प्रतियोगी परीक्षा के प्रश्नपत्र में इसके विकल्प के रूप में इस्तेमाल किए जाने से समाज के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं।। ज्ञापन में कहा गया कि व्यापम जैसे महत्वपूर्ण परीक्षा संस्थान में प्रश्नपत्र तैयार करने और अंतिम रूप से अनुमोदित करने की प्रक्रिया के बावजूद इस प्रकार की भाषा को शामिल किया जाना गंभीर विषय है।। समाज ने मांग की कि प्रश्नपत्र तैयार करने और अनुमोदन की प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों एवं विशेषज्ञों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए।।

व्यापम से आधिकारिक स्पष्टीकरण की मांग
सर्व सेन समाज ने संबंधित प्रश्न एवं विकल्प को लेकर व्यापम की ओर से आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करने की मांग की है।। साथ ही यदि जांच में उक्त प्रश्न या विकल्प नियमों के विपरीत पाया जाता है,तो अभ्यर्थियों के हित में उचित सुधारात्मक निर्णय लेने की मांग की गई है।। ज्ञापन में भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र तैयार करते समय किसी जाति, समाज या समुदाय की भावनाओं को प्रभावित करने वाली भाषा अथवा उदाहरणों के चयन से बचने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग भी की गई।। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि सेन समाज की पहचान केवल पारंपरिक व्यवसाय तक सीमित नहीं है।। समाज के लोग शिक्षा, प्रशासन, चिकित्सा, व्यापार, राजनीति, कला और खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में योगदान दे रहे हैं।। इसलिए शासकीय प्रतियोगी परीक्षाओं में ऐसे उदाहरणों के चयन में सामाजिक संवेदनशीलता का ध्यान रखा जाना चाहिए।। सर्व सेन समाज ने कहा कि ज्ञापन सौंपने का उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था को अपमानित करना नहीं, बल्कि समाज की गरिमा और भावनाओं से जुड़े विषय पर शासन का ध्यान आकर्षित करना है।। प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल से मामले का संज्ञान लेकर जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित करने की मांग की।।

ज्ञापन सौंपे जाने के दौरान समाज के पदाधिकारी एवं प्रतिनिधि जिलाध्यक्ष नरेंद्र सेन, सचिव गौतम सेन,
सहसचिव दीपेंद्र सेन,
ब्लॉक अध्यक्ष प्रेम किशन श्रीवास,नरेंद्र श्रीवास,मीडिया प्रभरि मनोहर सेन, रवि सेन, कामता प्रसाद सेन, अमोद सेन,बिसरू सेन, कोमल सेन, कमलेश श्रीवास, युवराज सेन, कीर्तन सेन सहित बड़ी संख्या में सेन समाज के लोग उपस्थित रहे।।