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छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है।
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(यतेन्द्र जीत सिंह छोटू ब्यूरो चीफ जिला खैरागढ़)
खैरागढ़ : किसान अधिकार संघर्ष समिति के बैनर तले दनिया-अतरिया-हनईबन-उदयपुर सहित सम्पूर्ण परिक्षेत्र के हजारों किसानों ने एक बार फिर अपनी ताकत दिखाई। सोमवार को किसानों का विशाल काफिला 80 से अधिक बसों और चार पहिया वाहनों में सवार होकर पर्यावरण विभाग, बत्तीस बंगला, भिलाई पहुंचा। घंटों तक चले इस ऐतिहासिक प्रदर्शन में पूरे परिसर को किसानों ने घेर लिया।।
इस आंदोलन का नेतृत्व किसान अधिकार संघर्ष समिति की अध्यक्ष लुकेश्वरी जंघेल, मुकेश पटेल, नोहर जंघेल, प्रमोद सिंह,बीरेंद्र जंघेल, श्रवण जंघेल, विक्रम सिंह , सौरभ जंघेल आदि ने किया। साथ में विष्णु मंडल, कैलाश जंघेल, रोहित जंघेल,ऐमन जंघेल ,लेखा वर्मा, हुकुम जंघेल, लकी जंघेल सहित क्षेत्र के हजारों किसानों ने पर्यावरण विभाग के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर श्री सीमेंट फैक्ट्री स्थापना और चूना पत्थर खनन परियोजनाओं – संडी, हनईबन , बुंदेली और सीताडबरी ब्लॉक को सदैव के लिए बंद करने की मांग की।

पर्यावरण विभाग और श्री सीमेंट के खिलाफ जमकर नारेबाजी
ज्ञापन सौंपने से पहले ही किसानों का गुस्सा फूट पड़ा।। प्रदर्शनकारी किसानों ने पर्यावरण विभाग सहित खनन, राजस्व और प्रदूषण नियंत्रण विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।। साथ ही परियोजना को बढ़ावा देने वाली श्री सीमेंट फैक्ट्री के खिलाफ भी जोरदार नारेबाजी की गई।। किसानों का आरोप है कि इन चूना पत्थर खदानों के कारण उनकी उपजाऊ कृषि भूमि बंजर हो जाएगी, जल स्तर नीचे चला जाएगा और सीमेंट फैक्ट्री से उड़ने वाली धूल से फसलें और लोगों का स्वास्थ्य दोनों खराब होगा । प्रदर्शनकारी किसानों का कहना है कि “हमारी जमीन, हमारा पानी, हमारी हवा तीनों छीनने की इनकी साजिश को कभी सफल होने नहीं देंगे , अब आर-पार की लड़ाई होगी” – नारे पूरे बत्तीस बंगला में गूंजते रहे।।
महिला किसानों की भारी भागीदारी बनी चर्चा का विषय
इस बार के आंदोलन की सबसे बड़ी ताकत महिला किसान रहीं। हर गांव से आई महिला किसानों की संख्या पुरुषों से भी ज्यादा नजर आई। हाथों में तख्तियां, सिर पर आंचल और आंखों में गुस्सा लिए महिलाएं सबसे आगे खड़ी होकर नारे लगा रही थीं। उनका कहना था कि जब खेत नहीं बचेंगे तो चूल्हा कैसे जलेगा।
सरपंचों से लेकर हर गांव के किसान शामिल
प्रदर्शन केवल किसी एक गांव का नही था ।। दनिया-अतरिया-हनईबन-उदयपुर, संडी, सीताडबरी , बुंदेली परिक्षेत्र के पंचायतों के क्षेत्रीय सरपंच, पंच, किसान अधिकार संघर्ष समिति के पदाधिकारी और हजारों आम किसान इसमें शामिल हुए।।

80 से अधिक बस और चार पहिया का काफिला सुबह से ही भिलाई की ओर कूच कर गया
जिससे भिलाई-दुर्ग मार्ग पर कई लगातार जाम की स्थिति बनी रही।। बत्तीस बंगला कार्यालय के सामने घंटों तक चले प्रदर्शन के दौरान किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी।।
किसानों की 3 प्रमुख मांगें: