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छत्तीसगढ़ प्रदेश का एक विश्वसनीय न्यूज पोर्टल है, जिसकी स्थापना देश एवं प्रदेश के प्रमुख विषयों और खबरों को सही तथ्यों के साथ आमजनों तक पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है।
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दुर्ग/गनियारी। स्वर्गीय राम मोहनन जी की स्मृति में अखिल भारतीय उत्कृष्ट बहुउद्देशीय संस्था द्वारा दिए जाने वाले ‘कीर्तिशेष सम्मान-2026’ से इस वर्ष प्रख्यात पंडवानी गायिका स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई को मरणोपरांत सम्मानित किया गया।
संस्था की प्रमुख श्रीमती शानू मोहनन ने गनियारी स्थित स्व. तीजन बाई के गृहग्राम जाकर यह सम्मान उनकी बहू वेणु देशमुख को प्रदान किया। इस अवसर पर शाल, श्रीफल, मोती की माला के साथ प्रशस्ति पत्र एवं 10,000 रुपये की नगद राशि भेंट की गई।
कार्यक्रम में निर्णायक मंडल और सलाहकार समिति के सदस्य शिक्षा विद डॉ. हंसा शुक्ला, प्रोफेसर डी.एन. शर्मा एवं वरिष्ठ साहित्यकार प्रदीप भट्टाचार्य* की सहमति से यह सम्मान दिया गया।
प्रशस्ति पत्र का वाचन भिलाई इस्पात संयंत्र के वरिष्ठ प्रबंधक राजीव बी. अस्थाना* ने किया।

अपने संबोधन में शानू मोहनन ने कहा कि स्व. तीजन बाई ने मात्र 12-13 वर्ष की उम्र में चंदखुरी से पंडवानी गायन शुरू कर कापालिक विधा में अपनी पहचान बनाई। उन्होंने देश-विदेश में छत्तीसगढ़ की संस्कृति का नाम रोशन किया और पद्मश्री, पद्मभूषण एवं पद्मविभूषण जैसे सर्वोच्च सम्मानों से अलंकृत हुईं।
इस अवसर पर वेणु देशमुख ने स्व. तीजन बाई की विदेश यात्राओं और लोक कला के प्रति समर्पण को याद किया। संगीता अस्थाना ने भी सभा को संबोधित किया।
कार्यक्रम में संस्था से शानू मोहनन, अभिलाषा मिश्रा, विजय लक्ष्मी संधा, संगीता मैडम, राजीव अस्थाना सहित परिवारजन दिलहरण पारधी, सावित्री पारधी, निशा पारधी, मनीषा पारधी, बुधराम ठाकुर, प्रेमा ठाकुर, मीना विश्वकर्मा, आयुष वर्मा, विवान पारधी, जासमीन पारधी और ग्रामवासी उपस्थित थे।
कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन अभिलाषा मिश्रा ने किया।